Monday, July 8, 2019

इन सुपरस्टार के दम पर सेमी में हैं ये 4 टीमें

वैसे तो क्रिकेट एक टीम गेम है, लेकिन हरेक टूर्नमेंट में कुछ ऐसे चमकदार सितारे उभरकर आते हैं जो व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर अपनी टीम को काफी आगे ले जाते हैं। इस बार सेमीफाइनल की चार टीमों के ये हैं बड़े सितारे... (टीम इंडिया) में जाने से पहले रोहित शर्मा खराब फॉर्म से गुजर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज हो या फिर आईपीएल। उनका प्रदर्शन अपने रुतबे के अनुरूप नहीं था। हालांकि आईपीएल में उनकी कप्तानी में मुंबई की टीम ने खिताब पर कब्जा जमाया, लेकिन 15 मैचों में वह केवल करीब 29 के ऐवरेज से 405 रन ही बना सके, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 67 रन ही था। इस प्रदर्शन के बाद भारतीय फैंस के मन में ओपनिंग को लेकर शंका पैदा हो गई थी। लेकिन अगर आज भारत आसानी के साथ सेमीफाइनल में पहुंचा है तो इसमें सबसे बड़ा योगदान रोहित का ही रहा है। इस ओपनर ने वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में 122 रन की धमाकेदार पारी खेलकर बता दिया कि वह यहां मजबूत इरादों के साथ पहुंचे हैं। इसके बाद अगले आठ मैचों में रोहित ने और चार शतक ठोककर कई नए कीर्तिमान अपने नाम कर लिए। वह वर्ल्ड कप के एक ही एडिशन में 5 सेंचुरी लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने। में अभी तकमैच- 8, रन - 647*, सर्वोच्च- 140, ऐवरेज- 92.42, स्ट्राइक रेट- 98.77, सेंचुरी/फिफ्टी- 5/1 वर्ल्ड कप में ओवरऑल कुल 6 शतक ठोक चुके हैं रोहित शर्मा। अगर वह एक और शतक ठोक देते हैं तो फिर वह वर्ल्ड कप में सचिन तेंडुलकर के सर्वाधिक 6 शतकों का रेकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान बना लेंगे। डेविड वॉर्नर (ऑस्ट्रेलिया) पिछले साल जब बॉल टैंपरिंग मामले में डेविड वॉर्नर पर एक साल का बैन लगा था, तब किसी को भी नहीं पता था उनकी दोबारा नैशनल टीम में वापसी भी होगी या नहीं। बॉल टैंपरिंग मामले में उन्हें मास्टर माइंड करार दिया गया था, जिसके बाद इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को समाजिक रूप से बहुत जिल्लत झेलनी पड़ी। वह मीडिया के सामने रोए भी। इस मुश्किल वक्त में उनकी पत्नी ने उन्हें संभाला। डोमेस्टिक में कुछ मैच खेलकर वॉर्नर ने बताया कि वह क्रिकेट नहीं छोड़ने वाले। आईपीएल में उन्होंने रनों का अंबार खड़ा कर जतला दिया कि बैन से उनके करियर पर आए एक अल्प विराम के बाद रनों के लिए उनकी भूख और भी बढ़ गई है। हालांकि वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के मैदानों पर उतरना आसान नहीं था। विपक्षी के अलावा स्थानीय क्रिकेट फैंस की छींटाकशी का भी उन्हें सामना करना था। वॉर्नर इन सबका बखूभी सामना किया। इतना ही नहीं उन्होंने टीम के लिए तीन सेंचुरी भी जड़ डाले। यह वॉर्नर की ही मौजूदगी रही, जिसकी वजह से छह महीने पहले तक कमजोर और बेबस सी नजर आ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बार खिताब के प्रबल दावेदारों में शुमार हो गई। मैच- 9, रन - 638, सर्वोच्च- 166, ऐवरेज- 79.75, स्ट्राइक रेट- 89.48, शतक/फिफ्टी- 3/3 2 दूसरे बल्लेबाज हैं डेविड वॉर्नर ऑस्ट्रेलिया की ओर से वर्ल्ड कप के किसी एक ही एडिशन में 600 रनों के पहाड़ के छूने वाले। उनसे पहले मैथ्यू हेडन ऐसा कर चुके हैं। जॉनी बेयरस्टो (इंग्लैंड) पहले पाकिस्तान और फिर श्रीलंका व ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो मैचों में हार के बाद इंग्लैंड की टीम टूर्नमेंट से बाहर होने की कगार पर आ गई थी। उसे अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अपने बाकी बचे दो मैचों में भारत और न्यूजीलैंड को किसी भी हाल में हराना जरूरी थी। टूर्नामेंट शुरू होन से पहले इंग्लिस ओपनर जॉनी बेयरस्टो से टीम को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन वह प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। खासकर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में तो उनका प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा। टीम की हार पर आलोचकों ने कुछ कहा तो बेयरस्टो ने भी मुंह से आग उगलते हुए यह कह डाला कि कुछ लोग इंग्लिश टीम के फेल होने का इंतजार कर रहे हैं। उनके बयान की कड़ी निंदा हुई। पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने यहां तक कहा कि बेयरस्टो नकारात्मक सोच के साथ वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। वॉन के इस कॉमेंट के बाद बेयरस्टो ने चुप्पी साध ली और जवाब देने का काम अपने बल्ले से किया। इस ओपनर ने इंग्लैंड को अंतिम दोनों करो या मरो के मुकाबले में सेंचुरी जड़कर टीम की जीत पक्की की। बेयरस्टो ने भारत के खिलाफ 111 रन बनाए फिर दो दिन बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 106 रन की पारी खेली। अगर बेयरस्टो ने ये दो पारियां नहीं खेली होती तो शायद आज सेमीफाइनल में मेजबान टीम दर्शक दीर्घा में होती। मैच- 9, रन - 462, सर्वोच्च- 111, ऐवरेज- 51.33, स्ट्राइक रेट- 97.26, शतक/फिफ्टी- 2/2 बेयरस्टो पहले इंग्लिश बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वर्ल्ड कप के दो लगातार मैचों में दो लगातार शतक लगाए। केन विलियमसन (न्यू जीलैंड) जैसी उम्मीद थी वैसा ही हुआ कप्तान केन विलियमसन ने मोर्चे से अगुआई करते हुए टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा ही दिया। अफगानिस्तान के खिलाफ केन ने फिफ्टी लगाई। लेकिन उनका बेस्ट अभी आना बाकी था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे ओवर में उन्हें मैदान पर आना पड़ा। संकट की घड़ी में उन्होंने अपने पांव जमाए और 106 रन की नॉटआउट पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। इसके अगले ही मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इनिंग्स की दूसरी ही गेंद पर ही उन्हें मैदान पर आना पड़ा। पहले ओवर में ही दूसरा ओपनर भी चलता बना। केन ने यहां से टीम को निकाला और 148 रन की पारी खेलकर टोटल 291 तक पहुंचाया, जिसकी बदौलत टीम जीत दर्ज कर सकी। मैच- 8, रन - 481, सर्वोच्च- 148, ऐवरेज- 96.20, स्ट्राइक रेट- 77.20, शतक/फिफ्टी- 2/1 97 रन बनाते ही विलियमसन न्यूजीलैंड की ओर से इंटरनैशनल क्रिकेट में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। वह ब्रेंडन मैकुलम (14676) को पीछे छोड़ेंगे। रॉस टेलर (16593) और स्टीफन फ्लेमिंग (15289) उनसे अभी आगे रहेंगे।


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