Wednesday, July 31, 2019

चयन समिति के फैसलों पर सवाल, प्रसाद ने दिया जवाब

नई दिल्ली भारत की मौजूदा चयन समिति पर दूरदर्शी नहीं होने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन इस पैनल के अध्यक्ष का मानना है कि अगर ऐसा होता तो जसप्रीत बुमराह टेस्ट स्तर पर शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाते। इसके अलावा जैसा खिलाड़ी टी20 से उभरकर टेस्ट क्रिकेटर नहीं बन पाता। प्रसाद ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बुमराह और पंड्या की सफलता पर बात की जिन्हें पहले टी20 विशेषज्ञ माना जाता था। इसके अलावा उन्होंने खेल के छोटे फॉर्मेट में कलाई के दो युवा स्पिनरों को उतारने और महेंद्र सिंह धोनी के वर्तमान टीम में स्थान पर बात की। आलोचकों का मानना है कि चयनसमिति में दूरदर्शिता की कमी है लेकिन प्रसाद ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर समिति में दूरदर्शिता की कमी होती तो फिर जिस जसप्रीत बुमराह को केवल सीमित ओवरों का क्रिकेटर माना जाता था, वह कैसे टेस्ट क्रिकेट में आ पाते और वह आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक टेस्ट गेंदबाज बना।’ पढ़ें, प्रसाद ने कहा, ‘यदि हम दूरदर्शी नहीं थे तो फिर हार्दिक पंड्या कैसे सभी फॉर्मेट में ऑलराउंडर की भूमिका बखूबी निभाते जबकि पहले उन्हें भी केवल टी20 खिलाड़ी माना गया था।’ चयनसमिति के अध्यक्ष ने इस संबंध में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का भी उदाहरण दिया जिन्हें रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे स्थापित स्पिनरों की मौजूदगी के बावजूद सीमित ओवरों की टीम में रखा गया। उन्होंने कहा, ‘इसी समिति ने कुलदीप और युजवेंद्र को आगे बढ़ाया जबकि सीमित ओवरों की टीम में हमारे पास अन्य स्थापित स्पिनर थे। अगर हम दूरदर्शी नहीं होते तो कैसे इतने कम समय में टेस्ट टीम में जगह बना पाते क्योंकि किसी ने नहीं सोचा था कि उन्हें लंबी अवधि के प्रारूप में जगह मिल पाएगी। हम सभी ने देखा कि उसने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में विकेट के आगे और विकेट के पीछे अच्छा प्रदर्शन किया।’


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