नागपुरभारत और बांग्लादेश के बीच खेला गया तीसरा और अंतिम टी20 इंटरनैशनल मैच पूरी तरह भारतीय तेज गेंदबाज के नाम रहा। राजस्थान के इस गेंदबाज ने मैच में जादुई प्रदर्शन करते हुए 20 गेंदों में केवल 7 रन दिए और कुल 6 विकेट झटके जो टी20 इंटरनैशनल मैचों में किसी भी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। उन्होंने मैच में हैट-ट्रिक भी बना डाली। वह टी20 इंटरनैशनल मैचों में हैट-ट्रिक लेने वाले भारत के पहले पुरुष गेंदबाज भी बने। ताजमहल की नगरी आगरा में 7 अगस्त 1992 को जन्मे दीपक की पहचान स्विंग गेंदबाज के रूप में है। वह थोड़ी भी मददगार पिच पर बेहद घातक साबित होते हैं। दीपक पहली बार सुर्खियों में नवंबर, 2010 में आए थे। उन्होंने अपने करियर का पहला फर्स्ट क्लास मैच रणजी ट्रोफी में राजस्थान के लिए हैदराबाद के खिलाफ खेला था। उसमें पहले दिन ही 7.3 ओवर में 10 रन देकर 8 विकेट झटके थे, जिससे हैदराबाद टीम 21 रन पर लुढ़क गई थी। पढ़ें- कभी ग्रेग ने रिजेक्ट किया था आज भले ही दीपक को पूरी दुनिया सलाम कर रही है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें ये तक कह दिया गया था कि वह क्रिकेटर नहीं बन सकते। 2008 में राजस्थान क्रिकेट असोसिएशन अकैडमी के डायरेक्टर थे। ऑस्ट्रेलिया में एक अंडर-19 टूर्नमेंट खेल स्वदेश लौटे दीपक को ग्रेग ने रिजेक्ट कर दिया था। बस फिर क्या चैपल की इस बात को दीपक ने दिल से लगा लिया। पढ़ें- अंतिम-50 में भी नहीं चुना था अपने उस पल को याद करते हुए दीपक ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने (ग्रेग चैपल) मुझे राजस्थान के अंतिम 50 में भी नहीं चुना। उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें नहीं लगता कि मैं उच्च स्तर पर क्रिकेट खेल सकता हूं। मुझे ये बात बहुत बुरी लगी। मेरे पूरे करियर में वो एक ऐसा दिन था जब मुझे रोने का मन हुआ। हालांकि अच्छा ही हुआ की मुझे घर भेज दिया गया, क्योंकि इसके बाद मैंने जमकर मेहनत की और दो साल के भीतर मैं राजस्थान के लिए रणजी ट्रोफी खेल रहा था। ऐसे सीखा ओस से निपटनाचेन्नै सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए चेन्नै की उमस भरी परिस्थितियों में ओस और पसीने से निबटने की सीख दीपक के काफी काम आ रही है। दीपक ने अपने साथी युजवेंद्र चहल के साथ ‘चहल टीवी’ पर कहा, 'चेन्नै में खेलते हुए मैंने सीखा कि किस तरह से ओस और पसीने से निबटना है। अपने हाथों को कैसे साफ रखना है। कई बार मैं सूखी मिट्टी अपने हाथों पर लगाता हूं और फिर गेंद करता हूं।' आईपीएल रहा टर्निंग पॉइंट हैट-ट्रिक के बारे में दीपक ने कहा कि मुझे बाद में पता चला कि मैंने हैट-ट्रिक पूरी कर ली है क्योंकि पहला विकेट मैंने पिछले ओवर की अंतिम गेंद पर लिया था। यहां तक कि अगर आप घर में हो तो सपने में भी आप यह नहीं सोचोगे कि चार ओवर में आप सात रन देकर छह विकेट लोगे। दीपक का मानना है कि उनमें बदलाव 2019 आईपीएल में आया। उनको हमेशा से पता था कि लाल गेंद को कैसे स्विंग कराया जाता है लेकिन 2018 में ड्वेन ब्रावो के नहीं होने के कारण महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें पावरप्ले और डेथ ओवरों में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी। यह टर्निंग पॉइंट था। उन्होंने स्विंग के अनुकूल हालात नहीं होने पर भी गेंदबाजी करना सीखा।
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