Thursday, November 7, 2019

फिक्सिंग: धीमी बैटिंग, ज्यादा रन देना- यूं रची गई साजिश

किरण पाराशर, बेंगलुरु बेंगलुरु पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को विकेटकीपर बल्लेबाज सीएम गौतम और बाएं हाथ के स्पिनर को कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल)-2019 के फाइनल के दौरान कथित स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। काजी पर एक अन्य टीम, बेंगलुरु ब्लास्टर्स के खिलाफ लीग-चरण के मैच में रन देने के लिए 7.5 लाख रुपये लेने का भी आरोप है। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि गौतम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। जॉइंट पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उनके बयान के अलावा, जांचकर्ताओं के पास मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में गौतम की भागीदारी को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत थे। देखें, और लोग हो सकते हैं शामिल पाटिल ने कहा, 'पूछताछ अभी जारी है। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। हमें संदेह है कि कुछ और लोग मामले में शामिल हो सकते हैं।' गुरुवार की गिरफ्तारी इस स्कैंडल में एक बड़ा मोड़ है, जिसने एक अलग टीम, बेलगावी पैंथर्स के मालिक को भी शामिल कर लिया। पुलिस ने कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। हारने वाली टीम के कप्तान थे गौतमगौतम को गोवा टीम का कप्तान हाल में नियुक्त किया गया था, वह लंबे समय तक कर्नाटक से जुड़े रहे थे जबकि काजी मिजोरम टीम के सदस्य हैं। दोनों केपीएल में बेल्लारी टस्कर्स के लिए खेलते थे जिसने 31 अगस्त को मैसुरु में खेले गए फाइनल में हुबली टाइगर्स के खिलाफ हार झेली थी। गौतम टीम के कप्तान थे और लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने ही ओपनिंग की थी। उन पर जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी करने का आरोप है। पढ़ें, पुलिस के निशाने पर थे गौतमपुलिस सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता 31 अगस्त को केपीएल फाइनल के दौरान अलग-अलग घटनाओं की समीक्षा कर रहे थे और यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहे थे कि अकेले गौतम की धीमी बल्लेबाजी ने नुकसान में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गुरुवार सुबह बेंगलुरु में गौतम को पकड़ा। तब उन्हें पता चल चुका कि वह पुलिस की पूछताछ का निशाना थे। उनके कुछ साथियों को पहले ही छोड़ दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, गौतम और काजी के वॉट्सऐप मेसेज और कॉल की समीक्षा की गई और जांच एजेंसी ने उन स्थानों का सत्यापन भी किया है जहां वे कथित तौर पर खिलाड़ियों के सहयोग की तलाश कर रहे थे। सबूत के तौर पर पेश करना चुनौतीएक अधिकारी ने कहा कि बेईमान खिलाड़ियों और सटोरियों के पास आपस में बातचीत के अलग-अलग कोड हैं और इसलिए कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करना एक चुनौती हो सकती है। अधिकारी ने कहा, 'हम इस मामले में सभी संभावित परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रहे हैं।' पढ़ें, एक ओवर में देने थे 10 रनएक अन्य सूत्र ने दावा किया कि बेलगावी पैंथर्स के मालिक अली असफाक थारा ने धीमी बल्लेबाजी के लिए गौतम को 20 लाख रुपये का भुगतान किया। बेंगलुरु ब्लास्टर्स के खिलाफ बेल्लारी टस्कर्स के मैच में, काजी को कथित रूप से पांचवें ओवर में 10 से अधिक रन देने को कहा गया, जो उन्होंने किया। सूत्रों ने बताया कि सटोरियों को इससे ही आगे की फिक्सिंग में मदद मिली। कौन हैं गौतमगौतम ने पहले कर्नाटक रणजी टीम की कप्तानी की। वह इस सीजन में गोवा में शिफ्ट हो गए। उन्होंने भारत ए का भी प्रतिनिधित्व किया और वह कम से कम तीन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीमों के सदस्य रहे। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें प्लेइंग-11 में कभी नहीं चुना, लेकिन उन्होंने मुंबई इंडियंस और दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए मैच खेले।


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