नई दिल्ली टीम इंडिया अपने घर में किसी भी फॉर्मेट में सबसे खतरनाक टीम है। चाहे टेस्ट हो या वनडे या फिर टी20 सीरीज, भारतीय टीम को उसके घर में आकर हराना इतना आसान नहीं है। लेकिन जब टीम इंडिया विदेशी दौरे पर होती है। खासतौर से SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों के दौरे पर तो नतीजा मिलाजुला आता है। टेस्ट फॉर्मेट में तो भारतीय टीम का इन देशों में जीतना दूर की कौड़ी ही है। भले भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में टेस्ट सीरीज हराई हो। लेकिन विराट की कप्तानी वाली टीम इंडिया साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज हारकर आई है। अहम मौकों पर चूक जाती है विराट की टीम इंडिया इसके अलावा अहम मौकों पर टीम वनडे में भी चूक जाती है। अब वनडे वर्ल्ड कप 2019 को ही ले लीजिए, यहां भारतीय टीम वर्ल्ड कप के सबसे बड़े दावेदारों में शुमार थी। लीग मैचों में टीम इंडिया ने जमकर खेल भी दिखाया और ग्रुप स्टेज में टॉप पर रहते है सेमीफाइनल में क्वॉलिफाइ किया। लेकिन सेमीफाइनल मैच में जैसे ही वन न्यूजीलैंड से भिड़ी तो कीवी ने आधे घंटे का ऐसा विशेष खेल खेला कि टीम इंडिया वर्ल्ड कप से ही बाहर हो गई। कीवीलैंड में वाइटवॉशहाल में भारत का न्यूजीलैंड दौरा ही देखें तो कीवीलैंड में उसने टी20 सीरीज को 5-0 से जरूर अपने नाम किया लेकिन कीवियों ने वनडे (0-3) और टेस्ट सीरीज (0-2) में उसका ही सफाया कर दिया। की बल्लेबाजी की ही बात करें तो चैंपियन बल्लेबाज विराट कोहली अब तब बेअसर दिखने लगे हैं, जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में विराट का फ्लॉप देख लें। साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंज दौरे पर टेस्ट सीरीज का हश्र याद कर लें या फिर। यहां विराट कोहली नहीं चले तो टीम इंडिया की बैटिंग भी फ्लॉप हुई थी। टीम इंडिया के पास अब तक का सबसे घातक बोलिंग अटैक है। बोलिंग आक्रमण ने अपना काम भी बखूबी किया लेकिन बल्लेबाजी के फ्लॉप होने के चलते भारतीय टीम यहां इन देशों में इतिहास नहीं रच सकी। टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 टीम का SEN (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड) देशों में न जीतना जानकारों को भी हैरान करता है। 22 पारियों से फ्लॉप हैं विराट नवंबर के बाद विराट कोहली का खेल के तीनों ही फॉर्मेट में व्यक्तिगत परफॉर्मेंस देखें तो विराट का परफॉर्मेंस फीका दिखाई दे रहा है। बीती 22 पारियों में इस चैंपियन बल्लेबाज ने कोई भी शतक नहीं जड़ा है। इससे पहले उन्होंने टीम इंडिया के पहले डे-नाइट टेस्ट बांग्लादेश (नवंबर 2019 में) के खिलाफ शतक जड़ा था। इसके बाद से विराट न तो टेस्ट, न वनडे और न ही टी20 में कोई शतक जमा पाए। इस दौरान उनके बैट से सिर्फ एक हाफ सेंचुरी ही निकली। अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज हारे तो कप्तानी पर उठेंगे सवाल न्यूजीलैंड में टीम इंडिया एक भी वनडे मैच नहीं जीत पाई थी। टीम के पास यहां शिखर धवन भी नहीं और भी चोटिल होकर घर लौट आए थे। ऐसे में कप्तान विराट कोहली का बल्ला भी नहीं चला और टीम में आए नए ओपनर्स भी वह नहीं कर पाए, जिसकी उनसे आस थी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया को तीन वनडे हराकर यहां वनडे खेलने आई अफ्रीकी टीम भी भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश करेगी। इस बार विराट के पास शिखर जरूर हैं लेकिन रोहित शर्मा अभी भी नहीं हैं। ऐसे में अगर अपने घर पर टीम इंडिया यह वनडे सीरीज हार गई, तो फिर सीमित ओवरों में विराट की कप्तानी पर सवाल उठना लाजमी हैं। क्या विराट पर है कप्तानी का दबाव?इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि इन दिनों क्रिकेट जिस कदर बढ़ रही है और अब तीनों ही फॉर्मेट में खिलाड़ियों लगातार खेलना होता है इससे शारीरिक-मानसिक थकान भी बढ़ती ही होगी। तीनों फॉर्मेट में एक ही खिलाड़ी कप्तानी करे तो उस पर अतिरिक्त दबाव होना भी लाजमी है। अपनी व्यक्तिगत परफॉर्मेंस के साथ-साथ टीम की परफॉर्मेंस का दबाव भी कप्तान पर आता है। जानकार हमेशा इस बात के पक्ष में रहे हैं कि विराट से सीमित ओवरों की कप्तानी लेकर दूसरे खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। ताकि उनसे अतिरिक्त दबाव हटाया जा सके और वह खुलकर टीम के लिए बल्लेबाजी कर सकें। विदेशी टीमों के भी अलग फॉर्मेट में अलग कप्तानऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें भी इन दिनों अलग-अलग फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तान वाली नीति पर चल रही हैं। इंग्लैंड के पास टेस्ट कप्तान के रूप में जो रूट हैं वहीं सीमित ओवरों की कप्तानी के लिए टीम इयोन मॉर्गन पर भरोसा करती है। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के पास टेस्ट कप्तान के रूप में टिम पेन हैं, जबकि सीमित ओवरों की कमान एरॉन फिंच को दी गई है। सीमित ओवरों की कप्तानी के बड़े दावेदार हैं रोहित शर्मा रोहित शर्मा का परफॉर्मेंस अब तीनों ही फॉर्मेट में बेहद शानदार हो रहा है। वर्ल्ड कप में 5 शतक जमाने वाले रोहित ने अपने बल्ले से धूम मचाई थी। टी20 फॉर्मेट में भी उनका परफॉर्मेंस शानदार रहता है। दोनों ही फॉर्मेट में वह टीम के उपकप्तान भी हैं और जब भी उन्हें विराट की गैर-मौजूदगी में टीम की कमान संभालने का मौका मिला है। रोहित ने हमेशा खुद को साबित किया है। रोहित के पास आईपीएल में भी कप्तानी का बेहतरीन अनुभव है। वह लीग के सबसे सफल कप्तान हैं। रोहित की कप्तानी में उनकी टीम मुंबई इंडियंस (MI) ने सर्वाधिक 4 पर आईपीएल खिताब पर अपना कब्जा जमाया है।
from Cricket News in Hindi, Cricket Updates, Live Scorecard, Schedules, Results, Teams and Points Table – Navbharat Times https://ift.tt/38ByL6c






0 comments:
Post a Comment