नई दिल्लीफर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 9489 रन, 43 वनडे शतक, 7 हजार से ज्यादा टेस्ट रन और टी20 इंटरनैशनल में भी 24 अर्धशतक, अभी और रेकॉर्ड जुड़ने का इंतजार... टीम इंडिया के कैप्टन () का यह सफर लेकिन आसान नहीं था। उन्हें कभी घरेलू क्रिकेट में सिलेक्ट नहीं किया गया था जिसके बाद वह रोए लेकिन खुद को और मजबूती से तैयार किया। 31 साल के विराट ने 2006 में दिल्ली के लिए डेब्यू किया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ छात्रों के लिए एक वीडियो सेशन में बताया कि दिल्ली स्टेट टीम में एक बार नहीं चुने जाने पर वह काफी निराश हो गए थे। पढ़ें, विराट ने कहा, 'पहली बार मुझे दिल्ली टीम में सिलेक्ट नहीं किया गया। मुझे याद है कि देर रात थी और मैं बस रोता रहा। काफी निराश था।' उन्होंने कहा, 'मैं सुबह करीब तीन बजे तक रोता रहा और मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि मैंने अच्छा स्कोर किया था।' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए सब कुछ पूरी तरह से ठीक चल रहा था। मैंने तब तक अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे लग रहा था कि मुझे सिलेक्ट कर लिया जाएगा लेकिन मुझे अस्वीकार कर दिया गया।' उन्होंने आगे कहा कि फिर हार नहीं मानी और खुद को मजबूती से तैयार किया। इस दौरान विराट ने बताया कि अनुष्का से मिलने के बाद ही उनके स्वभाव में काफी अंतर आया। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मैंने धैर्य रखना जो सीखा, वह अनुष्का से मुलाकात के बाद ही आया। मैं पहले बहुत ही अधीर था, जल्दी गुस्सा हो जाता था।'
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