भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज () ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की रैंकिंग पर सवाल उठाए हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर टेस्ट में नंबर एक के पायदान पर बैठाया गया है। गंभीर ने कहा कि भारत ने हाल के कुछ अर्से में टेस्ट क्रिकेट में अधिक प्रभाव छोड़ा है। टीम ने विदेशी धरती पर भी जीत हासिल की है, खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया में। गंभीर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को किस आधार पर नंबर 1 की रैंकिंग (ICC Test Rankings) दी गई है, जबकि भारतीय उपमहाद्वीप में उसका प्रदर्शन 'बेहद खराब' रहा है। भारतीय टीम 42 महीने से आईसीसी की टेस्ट टीम रैंकिंग में चोटी पर थी लेकिन इस महीने की शुरुआत में आईसीसी ने नए नियमों के तहत रैंकिंग में बदलाव किया, जिसके बाद भारत तीसरे स्थान पर पहुच गया और ऑस्ट्रेलिया पहले पर आ गया। आईसीसी ने इस रैंकिंग सिस्टम से 2016-17 के सीजन को हटा दिया था। गंभीर ने आईसीसी के इस फैसले पर कहा कि भारतीय टीम ने हाल के दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, 'नहीं, मैं भारत के तीसरे स्थान पर खिसकने से हैरान नहीं हूं। मुझे पॉइंट्स और रैंकिंग सिस्टम पर भरोसा नहीं है। शायद, टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे खराब पॉइंट सिस्टम है... आप घरेलू मैदान पर मैच जीतें या विदेशी धरती पर, आपको बराबर अंक मिलते हैं। यह बेकार है।' गंभीर ने कहा, 'हां, बेशक। यह पॉइंट्स सिस्टम अजीब है। अगर आप पूरी नजर से देखें, तो भारत ने विदेशी धरती पर सीरीज गंवाई हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जीती हैं। निसंदेह, वह सबसे अच्छा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने वाली टीम है। उन्होंने साउथ अफ्रीका में टेस्ट मैच जीता, इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीता... कई देश ऐसा नहीं कर पाए।' 38 वर्षीय इस पूर्व लेफ्टहैंडर बल्लेबाज ने कहा, 'मेरी नजर में भारतीय टीम को नंबर वन होना चाहिए था लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया... मुझे यह बात समझ नहीं आती कि आखिर किस आधार पर ऑस्ट्रेलिया को नंबर वन रैंकिंग दी गई है? विदेशी धरती पर उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा है, खासतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में।'
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