नई दिल्लीपूर्व भारतीय कप्तान मंसूर अली खान पटौदी नॉर्थ जोन के लिए लंबे समय तक खेले, लेकिन एक वक्त आया जब वह यहां से खेलना नहीं चाहते थे। इसका कारण था दिल्ली एडमिनिस्ट्रेशन। अपने चाहने वालों के बीच नाम से मशहूर इस क्रिकेटर को नॉर्थ जोन के अधिकारियों की ओर से कहा गया कि आप यहां से नहीं खेल पाआगे। इसके बाद उन्होंने साउथ जोन का रुख किया। कैसे? क्या हुआ? इन सभी सवालों के जवाब उनके बेटे ने दिए। स्पोर्ट्स वेबसाइट 'स्पोर्ट्सकीड़ा' को दिए इंटरव्यू में बॉलिवुड स्टार सैफ ने इस बारे में बताया, 'पिता और नॉर्थ जोन (दिल्ली एडमिनिस्ट्रेशन) में कुछ दिक्कत थी। उन्होंने उनसे कहा कि आप नॉर्थ जोन के लिए नहीं खेल पाएंगे। इसके बाद टाइगर पटौदी ने खुद ही नॉर्थ जोन छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने अपने दोस्त एमएल जयसिम्हा, जो हैदराबाद में थे, से कहा कि वह अब नॉर्थ जोन से नहीं खेलना चाहते और साउथ जोन में मौका चाहते हैं।' जयसिम्हा भी भारत के लिए टेस्ट खेले और उस वक्त साउथ जोन के कप्तान थे। सैफ अली खान ने बताया, 'इसके बाद जयसिम्हा के पिता ने टाइगर पटौदी को साउथ जोन में मौका दिया। उस वक्त सभी को लग रहा था कि मेरे पिता साउथ जोन की कप्तानी करेंगे, क्योंकि वह उस वक्त टीम इंडिया के कप्तान थे। उन्होंने साउथ जोन की कप्तानी से यह कहते हुए मना कर दिया कि वह साउथ जोन के बारे में जानना चाहते हैं और जय के अंडर में ही खेलेंगे।' यह उस वक्त का मामला है जब भारतीय क्रिकेट में पटौदी की तूती बोलती थी और वह नवाबों के खानदान से थे। बता दें कि सैफ अली खान क्रिकेटर टाइगर पटौदी और बॉलिवुड की मशहूर ऐक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के बेटे हैं। नवाब पटौदी ने भारत के लिए 46 टेस्ट मैचों में 6 शतक और 16 अर्धशतक की मदद से 2793 रन बनाए। नाबाद 203 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 310 मैच खेले और 15425 रन बनाए। इसमें 33 शतक और 75 अर्धशतक शामिल हैं।
from Cricket News in Hindi, Cricket Updates, Live Scorecard, Schedules, Results, Teams and Points Table – Navbharat Times https://ift.tt/394Qjtg






0 comments:
Post a Comment