Wednesday, December 9, 2020

जब 24 साल की उम्र में ही पार्थिव को लगा, बस अब करियर खत्म

25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले पार्थिव ने 18 साल के अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात के लिए घरेलू क्रिकेट के लगभग सभी खिताबों के अलावा तीन बार इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन (IPL) बनने के बाद यह सही वक्त है कि वह रिटायरमेंट ले लें।

विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बुधवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। संन्यास के फैसले के बाद उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें 24 साल की उम्र में ही लगने लगा था कि उनका क्रिकेट करियर खत्म हो गया।


जब 24 साल की उम्र में ही पार्थिव पटेल को लगा, बस अब करियर खत्म हो गया

25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले पार्थिव ने 18 साल के अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात के लिए घरेलू क्रिकेट के लगभग सभी खिताबों के अलावा तीन बार इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन (IPL) बनने के बाद यह सही वक्त है कि वह रिटायरमेंट ले लें।



​पार्थिव ने 18 साल के क्रिकेट करियर को कहा अलविदा
​पार्थिव ने 18 साल के क्रिकेट करियर को कहा अलविदा

पार्थिव ने बुधवार को 18 साल के अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। उन्होंने करियर में 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 इंटरनैशनल मैच खेले।



​रणजी ट्रोफी में बनाए 800 रन, नहीं मिली राष्ट्रीय टीम में जगह
​रणजी ट्रोफी में बनाए 800 रन, नहीं मिली राष्ट्रीय टीम में जगह

महेंद्र सिंह धोनी के युग में विकेटकीपर के तौर पर खेलना एक आसान काम नहीं था, लेकिन पार्थिव ने खेल के प्रति अपने जज्बे से गुजरात जैसे राज्य को घरेलू क्रिकेट की मजबूत टीम बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम 2009 में न्यूजीलैंड दौरे पर गई थी। मैंने उससे पहले रणजी ट्रोफी में 800 रन बनाए और दलीप ट्रोफी फाइनल में शतक जड़ा। मुझे राष्ट्रीय टीम में तब जगह नहीं मिली। मुझे लगा करियर खत्म हो गया लेकिन फिर मैंने कुछ और सोचा और यह एक टीम को खड़ा करने का फैसला था।’



​कप्तानी में जीती रणजी ट्रोफी, विजय हजारे टूर्नमेंट
​कप्तानी में जीती रणजी ट्रोफी, विजय हजारे टूर्नमेंट

पार्थिव को पता था कि जब तक एक टीम के रूप में गुजरात का प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा, तब तक उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन बहुत कम मायने रखेगा। उनकी कप्तानी में गुजरात ने जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों के साथ रणजी ट्रोफी, विजय हजारे और मुश्ताक अली ट्रोफी का खिताब जीता।



​पार्थिव बोले, अब विकेटकीपर होना चाहिए अच्छा बल्लेबाज
​पार्थिव बोले, अब विकेटकीपर होना चाहिए अच्छा बल्लेबाज

इस अनुभवी खिलाड़ी ने यह माना कि भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपर का चयन बल्लेबाजी प्रदर्शन के दम पर होता है जबकि विकेट के पीछे खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी मानता हूं कि भारत के लिए टेस्ट मैचों में ऋद्धिमान साहा की तरह सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर को खेलना चाहिए। हां, फॉर्मेट के अनुसार कौशल बदलते हैं लेकिन मेरा मानना है कि अब आपको भारत के लिए खेलने के लिए अच्छे कीपर के साथ अच्छा बल्लेबाज भी होना चाहिए।’





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