चेन्नै दूसरी पारी, 62 रन और 149 गेंद। (Virat Kohli) जब आउट होकर पविलियन लौटे तो स्कोरकार्ड यही नंबर दिखा रहा था। कैप्टन कोहली जिस तरह सकारात्मक होकर बल्लेबाजी करते हैं उसे देखते हुए यह आंकड़ा काफी अलग नजर आता है। और हो भी क्यों न परिस्थितियां जो अलग थीं और कोहली को ऐसा खेलने की दरकार थी। इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नै में खेले जा रहे सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। लेकिन तीसरे दिन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। दूसरे दिन भारत दूसरी पारी में 3 विकेट पर 54 रन के स्कोर पर वापस लौटा था लेकिन तीसरे दिन इस स्कोर में 11 रन जुड़ते-जुड़ते तीन बल्लेबाज पविलियन लौट चुके थे। 1 रन ही जुड़ा था कि पहले चेतेश्वर पुजारा रन आउट हुए और फिर इसी स्कोर पर रोहित शर्मा भी चले गए। पढ़ें, कोहली ने अभी खाता भी नहीं खोला था। जब अजिंक्य रहाणे से पहले ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने आए तो साफ हो गया कि टीम की कोशिश तेजी से रन बनाने की है लेकिन वह भी 8 रन बनाकर चलते बने। पिच टर्न हो रही थी। बहुत ज्यादा। हर गेंद पर धूल उड़ रही थी। बल्लेबाजी आसान नहीं थी और ऐसा लग रहा था कि दूसरी पारी में भारत कम स्कोर पर निपट जाएगा और मैच रोमांचक हो सकता है। लेकिन यहीं से कोहली ने दिखाना शुरू किया कि आखिर क्यों उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कहा जाता है। कोहली ने अपना जज्बा दिखाना शुरू किया। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ उनकी मजबूत तकनीक सामने आई। वह गेंद की पिच पर जा रहे थे और हल्के हाथ से गेंद को खेल रहे थे। कॉमेंटरी के दौरान महान बल्लेबाज सुनील गावसकर बता रहे थे कि किस तरह कोहली मोईन अली को खेलते हुए ऑफ स्टंप के बाहर जा रहे थे क्योंकि ऑफ स्पिनर की गेंद उनके लिए टप्पा लगने के बाद अंदर आएगी वहीं बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच के लिए वह थोड़ा सा ओपन होकर खेल रहे थे ताकि गेंद को खेलने का ज्यादा रूम उनके पास हो। कोहली रक्षात्मक थे लेकिन बैकफुट पर नहीं। खराब गेंदों को चूक नहीं रहे थे लेकिन पूरी कोशिश इस बात की थी कि कहीं पहली पारी में कमाई गई 195 रन की बढ़त का फायदा न गंवा बैठे। वह टिके रहे और रन बनाते रहे। उन्हें साथ मिला रविचंद्रन अश्विन का। अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की। कोहली की यह हाफ सेंचुरी कितनी मायने रखती है इसका अंदाजा क्रिकेट कॉमेंटेटर हर्षा भोगले के इस ट्वीट से लगाया जा सकता है। भोगले कहते हैं कि कोहली ने 27 टेस्ट सेंचुरी लगाई होंगी लेकिन मेरे मन में कोई संदेह नहीं कि यह हाफ सेंचुरी उनमें से कई पर भारी होगी। यह शानदार बल्लेबाजी है। हाईऐस्ट क्लास की। ऐसी पिच पर जिस पर रन बनाना तो दूर की बात यहां तक कि टिकना भी काफी मुश्किल है ऐसे विकेट पर कोहली दोनों काम करते हैं। पूरा पैर बाहर निकालकर गेंद को पिच के समानंतर खेलते हैं और मौका मिलने पर पीछे जाकर उसे कट या पुल भी करते हैं। साफ है कोहली हालात के हिसाब से खेलते रहे। स्पिन गेंदबाजी खेलने की बात हो तो वीवीएस लक्ष्मण का नाम चोटी के बल्लेबाजों में आता है। कलाई के जादूगर बल्लेबाज ने भी कोहली की पारी को सराहा। उन्होंने ट्वीट किया, 'कई बार चुनौतीपूर्ण हालात में लगाई गई हाफ सेंचुरी आपको सपाट पिच पर लगाए गए 200 से ज्यादा संतुष्टि देता है। मुझे पूरा यकीन है कि यह पारी विराट कोहली के लिए कुछ ऐसी ही होगी। इस टर्निंग ट्रैक पर यह पारी वाकई शानदार है।'
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