नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावसकर (Sunil Gavaskar) ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बावजूद चेतेश्वर पुजारा का समर्थन किया है। भारतीय टीम को साउथम्पटन में खेले गए मैच में कीवी टीम के हाथों आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। पुजारा ने इस मैच की दोनों पारियों में क्रमश: 8 और 15 रन बनाए थे। पुजारा न सिर्फ रन बनाने में असफल रहे बल्कि 33 वर्षीय इस खिलाड़ी का स्ट्राइक रेट भी काफी कम रहा था। उनका स्ट्राइक रेट 19 से भी कम रहा था। गावसकर ने कहा, हमें याद रखना चाहिए कि न्यूजीलैंड ने कैसे बल्लेबाजी की। परिस्थितियां बल्लेबाजी करने के लिए काफी मुश्किल थीं। यह गेंदबाजों के लिए मददगार थीं। हमें देखना चाहिए कि आखिर डेविड कॉन्वे और केन विलियमसन ने किस तरह बल्लेबाजी की।' पुजारा भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन हाल ही में बहुत अच्छा नहीं रहा है। टेस्ट चैंपियनशिप में उनका बल्लेबाजी औसत 30 से जरा सा ऊपर है और स्ट्राइक रेट भी 32 के करीब है। बीते दो साल में पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में कोई शतक भी नहीं लगाया है। गावसकर ने इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में कहा, 'रॉस टेलर ने भी धीमी शुरुआत की, हमें इस बात को याद रखना चाहिए। उन्होंने भी पुजारा की तरह बल्लेबाजी की। उनकी शुरुआत भी धीमी थी। लेकिन अगर आप पुजारा पर उंगलियां उठाना चाहते हो तो हम कुछ नहीं कह सकते।' पुजारा वह खिलाड़ी हैं जो मजबूती से एक छोर संभालकर रखते हैं। इससे दूसरे छोर पर खिलाड़ियों को अपने स्ट्रोक्स खेलने की आजादी मिलती है। उन्हें यह आश्वासन होता है कि पुजारा एक छोर पकड़कर खड़े हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान प्लेइंग इलेवन में बदलाव का इशारा किया था। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुजारा पर गाज गिरती है या टीम प्रबंधन एक बार फिर उन पर भरोसा जताएगा।
from Cricket News in Hindi : Cricket Updates, Live Cricket Scorecard, Cricket Schedules, Match Results, Teams and Points Table, India vs Australia test series – Navbharat Times https://ift.tt/3hfotim






0 comments:
Post a Comment