Saturday, June 5, 2021

उमेश यादव बोले- 'जैक पा' के जाने के बाद अचानक हमारे कंधों पर जिम्मेदारी आ गई

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने को बेताब हैं। उमेश चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के दौरान यह भारतीय गेंदबाज चोटिल हो गया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उमेश दूसरे टेस्ट मैच के बाद चोटिल हो गए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले उमेश ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह अब टीम इंडिया की पेस अटैक की अगुआई करने को पूरी तरह तैयार हैं। यह पूछने पर कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एमसीजी टेस्ट में अच्छी गेंदबाजी करने के बावजूद चोट की वजह से आपको बीच सीरीज से बाहर होना पड़ा था, आपके लिए यह कितना मुश्किल था, इसपर उमेश (Umesh Yadav) ने कहा, ' यह बहुत मुश्किल समय था। मैं वहां दूसरे टेस्ट के बाद चोटिल हो गया। मेरे लिए वहां बड़ा मौका था, क्योंकि बाकी अन्य सीनियर गेंदबाज उपलब्ध नहीं थे। उस परिस्थिति यदि मैं अच्छा प्रदर्शन करता तो यह मेरे लिए अच्छा होता, जिस तरह से अन्य युवाओं ने ऑस्ट्रेलिया में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद मैं इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज भी नहीं खेल सका।' '10 साल से खेलना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि' उमेश ने अब तक 48 टेस्ट मैचों में 148 विकेट चटकाए हैं जिसमें 3 बार पारी में 5 विकेट हॉल उनके नाम है। एक बार उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट निकाले हैं। इस भारतीय पेसर को इंटरनैशनल क्रिकेट खेलते हुए 10 साल हो गए हैं। यह पूछने पर कि 10 साल पहले और अब की भारतीय तेज गेंदबाजी में आप क्या अंतर देखते हैं, इस पर उमेश ने कहा, ' मेरे लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि मैं 10 साल से खेल रहा हूं। मुझे खुद पर गर्व है कि मैं अब भी लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा हूं। इस दौरान मैंने काफी कुछ सीखा।' 'इशांत मुझसे और शमी से अनुभवी हैं' 33 वर्षीय उमेश के साथ इंग्लैंड दौरे पर पेसर मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) और अनुभवी इशांत शर्मा (Ishant Sharma) भी होंगे। बकौल उमेश, 'इशांत मुझसे और शमी से अनुभवी हैं। जब हमने भारत के लिए खेलना शुरू किया था तब से लेकर अब तक शमी और मैं सीख रहे हैं। जब हमने करियर शुरू किया था उस समय हमारे लिए काफी मुश्किल समय था। जैक पा (जहीर खान) के बाद अचानक हमारे कंधों पर जिम्मेदारी आ गई। हमसे घर में और विदेशी सरजमीं पर उम्मीदें की जाने लगी। हमने इंटरनैशनल स्तर पर लगातार अच्छी गेंदबाजी के लिए कड़ी मेहनत की। समय के साथ हम अपनी गेंदबाजी में बेहतर होते चले गए। हमने इस दौरान युवा गेंदबाजों को मुश्किल समय के लिए तैयार किया ताकि सीनियर्स के जाने के बाद भारतीय टीम को संघर्ष न करना पड़े।' 'मैं इसे दबाव के तौर पर नहीं देख रहा हूं' उमेश ने इंग्लैंड में अब तक एक टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 3 विकेट चटकाए हैं। इस समय भारत के पास कई युवा गेंदबाज हैं जो टीम इंडिया में शामिल होने को तैयार हैं। भारतीय युवा पेस अटैक के बारे में उमेश ने कहा, ' मुझे यह बात अच्छी तरह जानता हूं कि कई युवा गेंदबाज अच्छा कर रहे हैं। मैं से दबाव की तरह नहीं देख रहा हूं। मुझे लगता है कि इससे टीम में काफी अच्छी प्रतिस्पर्धा है। जब आप युवाओं के साथ खेलते हैं तो वह सीनियर से बेहतर प्रदर्शन करने को मोटिवेट करते हैं। सीनियर और युवा एक दूसरे से सीखते हैं। 'मेरे लिए डब्ल्यूटीसी फाइनल वर्ल्ड कप की तरह है' उमेश का कहना है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल (World Test Championship) उनके जैसे खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड कप फाइनल की तरह है। उमेश ने कहा, ' हमने लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट ज्यादा नहीं खेले हैं, ऐसे में यह हमारे लिए वर्ल्ड कप फाइनल की तरह है। हम अब ज्यादा टेस्ट खेल रहे हैं।' उमेश ने 75 वनडे में 106 विकेट लिए हैं वहीं 7 टी20 इंटरनैशनल मैच में उनके नाम 9 विकेट दर्ज है।


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