Wednesday, June 16, 2021

WTC Final: न प्रैक्टिस मैच, न पूरी ट्रेनिंग- न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल चुनौती

मुंबई कोरोना-काल से पहले अगर आपने भारतीय टीम को प्रैक्टिस करते देखा हो तो वहां एक चीज सामान्य रूप से नजर आती थी। सपॉर्ट स्टाफ के सदस्य बिना रुके लगातार बोलिंग मशीन के जरिए बल्लेबाजों को गेंद फेंकते रहते थे। वह स्पीड में बदलाव करते रहते ताकि बल्लेबाजों को विपक्षी टीम की रफ्तार का सामना करने के लिए तैयार किया जा सके। इस प्रैक्टिस का फायदा यह हुआ कि बल्लेबाज तेज पिचों पर रफ्तार को खेलने के लिए ढल गए। मशीन पर खेल-खेल कर उनके रिफ्लैक्शन तेज हो गए हैं। और रफ्तार भारतीय बल्लेबाजों को परेशान नहीं करती है। क्या ऐसा ही आप सीम और स्विंग गेंदबाजी के लिए भी कह सकते हैं? इंग्लैंड में गेंदबाजों के पास ये दो सबसे बड़े हथियार होता है। यहीं के साउथम्टन के एजेस बाउस स्टेडियम पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाएगा। कोरोना महामारी के चलते टीम को टूर मैच खेलने का मौका नहीं मिला। न ही उन्हें ऐसे गेंदबाजों को खेलने का अवसर मिला जो गेंद को सीम करवा सकें या लेट स्विंग हासिल कर सकें। ऐसे में बल्लेबाजों को इन परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मुख्य चयनकर्ता रहे दिलीप वेंगसरकर ने मैच प्रैक्टिस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'मैं हैरान हूं कि कोई भी साइड गेम नहीं खेली गई। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के दौरे के समय ये मैच जरूरी होते हैं।' विराट कोहली और टीम प्रबंधन के लिए यह काफी बड़ी परेशानी है। आईसीसी के मेजर आयोजनों में न्यूजीलैंड भारत के लिए काफी परेशानी पेश करता रहा है। भारत ने किसी आईसीसी इवेंट में न्यूजीलैंड को आखिरी बार 2003 के वर्ल्ड कप में हराया था। न्यूजीलैंड के पास ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, नील वेगनर और काइली जैमिसन जैसे धाकड़ गेंदबा हैं। उनके पास यह हुनर है कि वे लगातार एक ही एरिया में गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम के बल्लेबाजों को परख सकते हैं। कोहली ऐंड कंपनी, जिसने काफी समय से टेस्ट मैच क्रिकेट नहीं खेला है, के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी हार भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 17 टेस्ट मैच खेले। इसमें से 12 में उसने जीत हासिल की। इसके अलावा सिडनी में ऐतिहासिक ड्रॉ भी याद करने लायक है। भारतीय टीम के लिए चिंता की बात यह है कि उसके हारे हुए मैचों में दो न्यूजीलैंड के खिलाफ थे। क्राइस्टचर्च और वेलिंग्टन में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। और साउथम्टन में भी टीम इंडिया को कुछ उसी तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ओपनिंग को लेकर सवाल टीम इंडिया के लिए ओपनिंग एक बड़ा सवाल है। टीम प्रबंधन ने जिन खिलाड़ियों को पारी की शुरुआत करने के लिए चुना है उन्होंने इंग्लैंड में कभी ऐसा नहीं किया है। रोहित शर्मा ने साल 2014 में यहां एक टेस्ट मैच खेला था। वहीं शुभमन गिल ने इंग्लैंड में कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। अन्य दावेदार जो टीम प्रबंधन का भरोसा नहीं जीत पाए, उसमें से एक केएल राहुल थे। भारत ने 2018 में जब पिछली बार इंग्लैंड का दौरा किया था जब उन्होंने ओवल में 149 रन की पारी खेली थी। यह और बात है कि तब तक भारतीय टीम सीरीज गंवा चुकी थी। मयंक अग्रवाल एक और विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज हैं, लेकिन वह भी प्लेइंग इलेवन में अपना स्थान खो बैठे हैं। उन्होंने भी इंग्लैंड में कभी टेस्ट मैच नहीं खेला है। मंगलवार को जब WTC फाइनल के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान किया गया तो ये दोनों ही उसमें जगह नहीं बना पाए। वेंगसरकर को लगता है कि ऐसी परिस्थिति में आपके पास बदलने का कोई मौका नहीं होता। उन्होंने कहा, 'शुभमन और रोहित दोनों को खेलना चाहिए। अतीत में इंग्लैंड में पारी की शुरुआत न करना कोई परेशानी की बात नहीं है। दोनों ने पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन किया है। वे सलामी बल्लेबाजी के लिए मेरी पहली पसंद हैं।' वेंगसरकर की बल्लेबाजों को सलाह वेंगसरकर ने बल्लेबाजों को खास सलाह दी। उन्होंने कहा, 'साइड ऑन रहिए और गेंद को देर से खेलिए। अगर गेंद लेट स्विंग होती है तो इससे आपको मदद मिलेगी। वरना अगर बल्लेबाज शुरुआत में ही बड़े ड्राइव खेलने जाएगा तो इस बात के पूरे चांस हैं कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गली या स्लिप में जाएगी।' उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने कुछ दिन पहले इसी बात को दोहराया था। उन्होंने bcci.tv से कहा था, 'आप जितना सीधा खेलें और शरीर के नजदीक खेलें आपके लिए अच्छा है।' हनुमा विहारी के बारे में क्या? विहारी कुछ समय से वॉरविकशर के लिए काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं, क्या उन्हें छठे बल्लेबाज के तौर पर शामिल नहीं करना चाहिए? वेंगसरकर को लगता है कि विहारी एक आकर्षक विकल्प हो सकते हैं लेकिन वह टीम में पांच गेंदबाजों के साथ उतरने के हिमायती हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर आप सिर्फ चार गेंदबाजों के साथ उतरते हैं, तो उसमें से दो ऐसे होने चाहिए जो एक पारी में पांच विकेट ले सकें। अच्छी स्थिति तो यह होती कि नंबर छह वह खिलाड़ी हो सीम बोलिंग कर सके। हार्दिक पंड्या, दुर्भाग्य से वहां नहीं हैं।' वेंगसरकर का कहना है कि तीन तेज गेंदबाजों के अलावा अश्विन और रविंद्र जडेजा को एकादश में जगह मिलनी चाहिए। तो आखिर बल्लेबाजी कैसी हो? चेतेश्वर पुजारा, कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान रहाणे पर काफी जिम्मेदारी है। इन तीनों ने इंग्लैंड में शतक लगाए हैं। रहाणे और पुजारा को काउंटी में खेलने के अनुभव का लाभ भी होगा। लेकिन अब काफी समय से उन्होंने नियमित रूप से रन बनाए हैं। रहाणे की मेलबर्न में सेंचुरी और पुजारा के जानदार खेल के साथ ऋषभ पंत की शानदार पारियों की मदद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती। लेकिन एक ही मुकाबले में, और वह भी प्रैक्टिस और वॉर्म-अप मैच के बिना, क्या वह इसे दोहरा पाएंगे?


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