कोलकातापूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता को लगता है कि भारत टेस्ट टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे अब वैसे खिलाड़ी नहीं रह गए हैं, जैसे कि वह पांच-छह साल पहले थे और वानखेड़े स्टेडियम में ताबड़तोड़ शतक बनाते थे। रहाणे ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ा। उस मैच में उनके 49 और 15 रन भारत को आठ विकेट की हार से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। अगस्त-सितंबर में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ, इस बात पर बहस चल रही है कि क्या मध्य क्रम में राहणे की जगह हनुमा विहारी को मौका दिया जाएगा? दासगुप्ता ने शनिवार को अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि रहाणे वही खिलाड़ी हैं जो वह 2015-16 में थे। उस समय के रहाणे अविश्वसनीय थे। वह एक ऐसा खिलाड़ी थे जिन्हें मैंने मुंबई के लिए खेलते हुए देखा था।' उन्होंने आगे कहा- पहली सुबह वानखेड़े की पिच नम थी, पिच में घास थी और उन दिनों वहां बल्लेबाजी करना एक बुरा सपना था। लेकिन रहाणे ने भारत के लिए खेलने से पहले 4000-4500 से अधिक रन बनाए, मुख्य रूप से नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए। यह शानदार कारनामा था।
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