लीड्सभारतीय खेमे में हार से हाहाकार मचा हुआ है। इंग्लैंड से लीड्स टेस्ट गंवाने का कारण कप्तान कोहली भले ही स्कोरबोर्ड का दबाव बता रहे हो, लेकिन सच्चाई तो सभी को पता है। मध्यक्रम की फिर पोल खुल गई। ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब तलाशने होंगे। बड़े नाम चल नहीं रहे। बल्लेबाज एक सेट पैटर्न पर ही फंस रहे। प्लेइंग इलेवन और रोटेशन जैसी थ्योरिज अबूझ पहेली बन रही। कई दिग्गज भी टीम में बदलाव का झंडा बुलंद कर रहे। अतिरिक्त बल्लेबाज आएगा! अगला टेस्ट मैच दो सितंबर से ओवल में होना है। चौथे मुकाबले में एक पेसर को बिठाया जा सकता है। लीड्स टेस्ट की गेंदबाजी देखे तो ईशांत की जगह खतरे में लगती है। शायद इसी फॉर्मूले से टीम को संतुलन दिया जा सकता है। ईशांत को हटाकर एक अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प का रास्ता बनता है। फिर चाहे वह शार्दुल ठाकुर के रूप में तेज गेंदबाज बल्लेबाज का ऑप्शन हो या अश्विन के साथ स्पिन ऑप्शन। रविचंद्रन तो सातवें नंबर पर आ रहे शमी से अच्छा ही बल्ला चलाएंगे। सूर्यकुमार को मिलेगा मौका?अगर भारत स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के साथ जाएगा तो इसे क्रांतिकारी कदम माना जाएगा। जिस मिडिल ऑर्डर पर सवाल उठ रहे हैं उसका एक सूरमा बेंच पर ही बैठा है। जी हां! हम बात कर रहे हैं सूर्यकुमार यादव की। चौथे टेस्ट के लिये छठे विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर अगर इस मुंबईकर को शामिल किया जाएगा तो बाहर कौन होगा। पुजारा ने तो रन बना लिए। उपकप्तान रहाणे को क्या विराट हटा पाएंगे। ध्यान रहे कि अजिंक्य का हालिया रेकॉर्ड कम से कम कोहली से तो बेहतर ही है। ऑस्ट्रेलिया में मैच बनाने वाले हनुमा विहारी को भी अबतक मौका नहीं मिला है। दिग्गजों की क्या है राय?पूर्व मुख्य भारतीय चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की राय साफ है। दोनों दिग्गज एक जैसा सोचते हैं। वेंगसरकर बल्लेबाजी लाइन-अप को मजबूत करने की वकालत करते हैं। वह कहते हैं एक गेंदबाज को बाहर कर छठे बल्लेबाज को खिलाना चाहिए। गावसकर ने भी छह बल्लेबाजों के साथ खेलने की बात का सपोर्ट किया है। वैसे यह पिच को देखकर ही पता लगेगा कि इस पर कितनी नमी है और फैसला इसी से होगा। वैसे कोहली कुछ और ही सोच रहे। स्पेशलिस्ट बल्लेबाज वाले संतुलन पर वह विश्वास नहीं रखते।
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