नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को अब उस दिन का बेसब्री से इंतजार है जब टी-20 वर्ल्ड कप का आगाज होगा। कोरोना महामारी के चलते टी-20 विश्व कप साल 2020 से में नहीं हो सका। अब 2021 में अक्टूबर से नवंबर के बीच फटाफट क्रिकेट का महाकुंभ खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम का ऐलान कर दिया। जैसे ही टीम के ऐलान की घोषणा हुई वैसे ही लोग चौंक गए और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने के लिए आगे आने लगे। इस चयन में सबसे बड़ी चौंकाने वाला नाम था पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और आर अश्विन का। आर अश्विन का चयन फैंस हुए शॉक्डधोनी को टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है। जबकि आर अश्विन का टीम में चयन सबको चौंका रहा है। सोशल मीडिया पर भी अश्विन और चहल को लेकर काफी बातें की जा रही हैं। मगर इसके इतर यहां पर ध्यान देने वाली ये है कि आखिरकार स्टार स्पिनर को जगह नहीं मिली जबकि आर अश्विन की सालों बाद वापसी कैसे हो गई। हाल ही में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। अश्विन को आखिरी दोनों टेस्ट मैच में जगह नहीं मिली। इस दौरान वो कुछ परेशान भी दिखे और टीम से थोड़ा अलग भी दिखे। अश्विन वनडे और टी-20 से बाहर निकलकर कब केवल टेस्ट के गेंदबाज रह गए किसी को भी पता नहीं चला। अब अश्विन टीम में स्पिनर्स के सबसे सीनियर गेंदबाज हैं। वो न केवल अपने प्रदर्शन से बल्कि अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए बाकी गेंदबाजों के लिए भी सहारा बनेंगे। धोनी और अश्विन का रिश्ताधोनी और अश्विन के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है। कई मौकों पर दोनों को एक दूसरे के साथ पाया गया। धोनी की कप्तानी में ही अश्विन एक स्टार गेंदबाज बनकर उभरे थे। अश्विन ने माही की अगुवाई में 78 वनडे मैचों में 105 और 42 टी-20 मैचों में 49 विकेट लिए। लेकिन उसके बाद जैसी ही टीम की कमान धोनी की पाले में गई वो अश्विन का प्रदर्शन खराब होता चला गया और फिर उनको टीम में जगह ही नहीं मिल पाई। अश्विन की जगह कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को तवज्जों मिलने लगा। उसके बाद अश्विन केवल सफेद जर्सी तक ही सीमित हो गए। 4 साल से बाहर है अश्विनअश्विन चार साल से टी-20 टीम से बाहर थे और अब उनकी चार साल बाद सीधे टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में वापसी हुई है। अश्विन के अलावा स्पिनर के तौर पर रवींद्र जडेजा, राहुल चाहर, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को टीम में जगह मिली है। बीसीसीआई के चीफ सिलेक्टर चेतन शर्मा ने अश्विन को टीम में शामिल करने के पीछे तर्क भी दिया है। शर्मा के मुताबिक आईपीएल में उनके प्रदर्शन को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। मुख्य चयनकर्ता ने बताई वजहचेतन शर्मा ने कहा है कि आईपीएल में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अश्विन को टी-20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में चुना गया है। उन्होंने कहा, 'अश्विन लगातार आईपीएल खेल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है। जब आप वर्ल्ड कप में जाते हैं तो आपको ऑफ स्पिनर की जरूरत होती है। सबको पता है कि यूएई का विकेट काफी धीमा है। आईपीएल भी यहीं पर खेला जाएगा। स्पिनर की भूमिका अहम रहेगी। ऑफ स्पिनर यहां मुख्य भूमिका निभा सकता है।' जब धोनी के लिए खुलकर बोले थे अश्विनकुछ साल पहले अश्विन का एक इंटरव्यू खूब चर्चा का विषय बना था। इंटरव्यू में अश्विन ने बताया था कि उनके करियर पर धोनी काफी का काफी ज्यादा प्रभाव रहा है। धोनी को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा था कि वो धोनी को प्रभावित करना चाहते थे। इसका एक मात्र तरीका उन्हें नेट्स पर परेशान करने था। मैंने मैथ्यू हेडन, जेकब ओरम और स्टीफन फ्लेमिंग का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। इस सभी को नेट्स में मैंने काफी ज्यादा परेशान किया था लेकिन मैं धोनी का ध्यान अपनी तरफ नहीं खींच पाया। लगता है इतने सालों बाद आखिरकार अपने मिशन में सफल हो गए और उन्होंने माही का ध्यान अपनी ओर खींच ही लिया। धोनी-अश्विन के रिश्तों में खटासलगभग 5 साल पहले अश्विन और धोनी के रिश्तों में खटास भी आई थी मगर दोनों के बीच ये खटास बहुत ज्यादा पनप नहीं पाई। जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले वनडे में जडेजा और अश्विन ने 18 ओवर में 129 रन दे डाले थे। इसमें अश्विन ने 9 ओवर में 68 रन देकर दो विकेट लिए थे, जबकि जडेजा ने 9 ओवर में 61 रन दिए थे। दूसरे वनडे में अश्विन ने 10 ओवर में 60 रन दिए थे, लेकिन विकेट नहीं ले सके थे। इसके बाद इस सीरीज के तीसरे, चौथे, पांचवें मैच में धोनी ने अश्विन को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब धोनी से अश्विन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अश्विन को परफॉर्मेंस में सुधार करने की सलाह दी थी। उस समय ऐसा कहा जाता है कि दोनों के मधुर संबंधों में खटास पैदा हो गई। क्या धोनी से कराई अश्विन की वापसी सोशल मीडिया पर यूजर्स तो यहां तक कह रहे हैं कि धोनी ही अश्विन को वापस टीम में लेकर आए हैं मगर ऐसी बात का कोई आधार नहीं है। धोनी का चयन उनसे सलाह मशविरा करने के बाद हुआ। ये टीम के लिए बहुत अच्छी बात है कि जिस कप्तान ने पहला टी-20 विश्वकप खिताब आपको जितवाया हो वो ही अब आपका मेंटर है। धोनी क्रिकेट जगत के बेहतरीन रणनीतिकारों में से एक हैं। मैदान में कैसे, कब, कहां और कौन सा निर्णय लेना है धोनी इसमें मास्टर हैं। आज भी ताजा है वो पहले वर्ल्डकप की यादेंध्यान है वो 2007 का पहला विश्व कप। धोनी ने पहले टी-20 वर्ल्डकप के आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा के हाथों गेंद थमा दी। ये मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच खेला जा रहा था। पाकिस्तान जीत के मुहाने में खड़ा था और धोनी ने रिस्क लेते हुए मीडियम पेसर जोगिंदर शर्मा के हाथों में गेंद थमाई और फिर भारत मैच भी जीता। डीआरएस की बात हो तो एम एस धोनी कम ही चूकते हैं। बाकी चालाकी वाली किपरिंग तो आप जानते ही हैं। अब अश्विन की मैच में वापसी भी बेहद चौंकाने वाली हैं। अब देखना होगा कि दोबारा अश्विन और दोनी की जोड़ी क्या भारत को दूसरी बार विश्व कप जितवा सकता है या नहीं।
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