अय्यर परिवार में डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक थे, लेकिन खेल में करियर बनाने वाला कोई नहीं था। इंडियन प्रीमियर लीग संस्करण में कोलकाता नाइटराइडर्स की नई बल्लेबाजी सनसनी वेंकटेश अय्यर हालांकि क्रिकेटर बनने के लिए अड़े थे। उनके पिता राजशेखरन अय्यर भी इस कदम के खिलाफ थे, लेकिन खेल के प्रति अपने बेटे के समर्पण को देखकर उनकी मां उषा अय्यर (इंदौर के अपोलो अस्पताल में हेड नर्स) अपने बेटे को इंदौर के महाराजा यशवंतराव क्रिकेट क्लब में ले गई और कोच दिनेश शर्मा से मिली। पहली ही मुलाकात में देख लिया था टैलेंट दिनेश ने मां से परिवार की कहानी सुनी और वेंकटेश को पैड अप करने के लिए कहा। दिनेश ने एक साइडआर्म बॉल थ्रोअर पकड़ा और नौजवान पर कुछ गेंद फेंकी। अय्यर ने उन्हें आसानी से खेला। कोच ने तब अकादमी में अपने कुछ सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों को वेंकटेश में गेंदबाजी करने के लिए कहा और इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन ने कोच को प्रभावित कर दिया। तब उन्होंने अपनी मां को दो साल के लिए बच्चे को सौंपने के लिए मना लिया। उसके बाद जो हुआ वो सबके सामने है। बता दें कि वेंकटेश ने पहले RCB के खिलाफ 27 गेंदों में नाबाद 41 रन बनाए, जबकि मुंबई इंडियंस की जबरदस्त बोलिंग के खिलाफ 30 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्के उड़ाते हुए 53 रन की पारी खेली। यह है वेंकटेश का सबसे बड़ा हथियारदिनेश शर्मा ने 6 फीट से ऊंचे कद के वेंकटेश के बारे में बात करते हुए कहा, 'वह एक स्वाभाविक प्रतिभा हैं। उनके पास जबरदस्त आंखों और हाथ के बीच क्वॉर्डिनेशन है। यही उनका सबसे बड़ा हथियार है। जिस तरह से वह गेंद को मार रहे थे, वह अद्भुत था। मुझे पता था कि यह लड़का सीखने का इच्छुक है और उसे किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो उसे रास्ता दिखाए।' उन्होंने आगे कहा- मैंने उनसे पूछा कि क्या वह क्रिकेट खेलने को लेकर गंभीर हैं? उन्होंने कहा- 'कोच, मैं एक अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए सब कुछ करूंगा और मैं आपको निराश नहीं करूंगा। पिता का दिल रखने के लिए की MBA की पढ़ाई वेंकटेश एमबीए ग्रेजुएट हैं और रजनीकांत फैन हैं। इंदौर में एक तमिल भाषी परिवार में जन्मे इस महत्वाकांक्षी क्रिकेटर के लिए शिक्षा बहुत जरूरी थी। उनके पास फाइनेंस में एमबीए की डिग्री है। उसके परिवार ने उसे कहा था कि वह अपनी पढ़ाई से समझौता न करे। कोच बताते हैं- वह (वेंकटेश) बहुत बुद्धिमान था। उसके परिवार का हर एक सदस्य शिक्षित है और उसने भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। वह क्रिकेट खेलना चाहता था और अपने पिता को निराश नहीं करना चाहता था। इसलिए, उसने दोनों को मैनेज किया। रजनीकांत की सभी फिल्में देखी हैं उन यादों पर हंसते हुए कोच ने कहा, 'वह रजनीकांत के लिए पागल हैं। उन्होंने उनकी सभी फिल्में देखी हैं। कभी-कभी, वह उन्हें (रजनीकांत) भी कॉपी करते थे।' कोच दिनेश शर्मा के अनुसार, वेंकटेश को भारत के अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह और केकेआर के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम का काफी समर्थन मिला है। बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मैच में भज्जी ही थे, जो वेंकटेश को विराट कोहली से मिलवाते दिखे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह वेंकटेश को मौजूदा दौर का युवराज सिंह मानते हैं।
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