नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट ने वकार यूनिस के बयान की खूब आलोचना की है। वकार ने रविवार को भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली वर्ल्ड कप जीत के बाद 'नमाज' पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। सलमान बट्ट ने कहा कि इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के लोगों से ऐसी बातों पर ध्यान देने की अपील की जिनसे दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर किया जा सके। वकार यूनिस ने पाकिस्तान की भारत पर जीत के बाद कहा था कि मोहम्मद रिजवान ने भारत के खिलाफ मैच के दौरान मैदान पर ही हिंदुओं के सामने नमाज अदा की यह उनके लिए सबसे खास बात रही। वकार के इस विवादास्पद बयान पर बट्ट ने कहा कि एक-दूसरे के कल्चर का सम्मान करना बहुत महत्वपूर्ण है। और हमें ऐसा कुछ नहीं कहना चाहिए जिससे दूसरों की भावनाएं आहत हों। बट्ट ने कहा, 'इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस देश से आए हैं। आपकी मान्यताएं क्या हैं, एक दूसरे की संस्कृति के प्रति सम्मान होना चाहिए। ऐसा कुछ नहीं कहा जाना चाहिए जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे और लोगों को बुरा लगे। फिर चाहे वह भारतीय खिलाड़ी हो या पाकिस्तानी। मौजूदा खिलाड़ी हो या पूर्व। आपको भद्दी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।' बट्ट ने आगे कहा, 'कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन पर मेहरबानी रही है और वे खेल के सुपरस्टार बने हैं। एक संतुलित माइंडसेट होना जरूरी है। आप इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं कर सकते। दुर्भाग्य से ऐसा हुआ।' 37 वर्षीय इस पूर्व खिलाड़ी ने दोनों देशों के खिलाड़ियों से अपील की कि वे बुरी बातों को भूलकर भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में हुई अच्छी बातों को याद रखें और बुरी बातों को भूल जाएं। उन्होंने कहा, 'हमें ऐसी चीजों के बारे में बात करनी चाहिए जो जोड़ें न कि बांटे। मैच के दौरान कई अच्छी बातें हुई थीं। दोनों ओर के लोगों ने अच्छे क्रिकेट की तारीफ की। पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने कोहली और धोनी से बात की। इन चीजों के बारे में बात कीजिए और बुरी चीजों को नजरअंदाज करें। हम सबको पता है कि दोनों देशों से कोई न कोई आकर ऐसी बातें करेगा जिससे दूसरों की भावनाएं आहत होंगी।' इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट में लिखा- जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ। मैं अपने अनुभव से बता सकता हूं कि एक आदमी जो अपने देश की भाषाओं और शहरों के बारे में नस्लवादी है, वह आसानी से धार्मिक मतभेदों के बारे में इस तरह की नकारात्मक टिप्पणी कर सकता है। साथ ही रमीज ने #alwaysbitter (हमेशा कड़वा) #alwaysnegative (हमेशा नकारात्मक) टैग भी लिखे। वकार इस बात से खुश थे कि रिजवान ने 'हिंदुओं के बीच नमाज पढ़ी। उन्होंने कहा, सबसे अच्छी बात जो रिजवान ने की कि उसने माशाअल्लाह... उसने ग्राउंड में खड़े होकर नमाज पढ़ी जो कि हिंदुओं के बीच में खड़े होके... तो वह बहुत स्पेशल था। उनकी इस टिप्पणी पर मशहूर कॉमेंटेटर हर्षा भोगले भी निराश दिखे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह माफी मांगेंगे। मशहूर कॉमेंटेटर हर्षा भोगले भी वकार यूनिस के इस बयान से बहुत निराश नजर आए। उन्होंने लिखा, 'वकार युनिस के कद के इनसान का यह कहना कि रिजवान को हिंदुओं के सामने नमाज पढ़ते देखना उसके लिए बहुत खास था, मेरे लिए जिंदगी की सबसे निराशाजनक बातों में से एक है। हममें से काफी लोग इन बातों पर तवज्जो नहीं देते और खेल की बातें करते हैं और इस की बातें सुनना बहुत परेशान करने वाला है।'
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