अबुधाबी पाकिस्तान के कप्तान ने भारत के निवर्तमान कोच रवि शास्त्री की हां में हां मिलाते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए लगातार जैव सुरक्षित माहौल (बायो बबल) में रहते हुए खेलना आसान नहीं है। भारत के नामीबिया के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच से पहले शास्त्री ने कहा कि उनके खिलाड़ी छह महीने तक बायो बबल में रहने के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके थे तथा आईपीएल और आईसीसी टूर्नामेंट के बीच विश्राम मिलने से उनकी टीम फायदे में रहती। भारत 2012 के बाद पहली बार आईसीसी की किसी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहा। बाबर ने मंगलवार को वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पेशेवर क्रिकेट में हमेशा उतार चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन लगातार बायो बबल में रहने से खिलाड़ी परेशान और असहज महसूस करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने पाकिस्तानी टीम में एक समूह के रूप में काम करके और एक दूसरे का साथ देकर इसका सामना करने की कोशिश की है।’ पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि खिलाड़ी पिछले साल से लगातार एक सीमा में बंधे रहे जो कि आसान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘एक खिलाड़ी के रूप में आपको विश्राम करने और दबाव झेलने के लिये तैयार रहने की जरूरत है। लेकिन कई बार जब चीजें आपके अनुकूल नहीं होती हैं तो आपको तरोताजा होने की जरूरत पड़ती है। आपके लिए बाहर निकलना जरूरी हो जाता है लेकिन जब आप बायो बबल के कारण बाहर नहीं निकल सकते हैं तो आपके दिमाग में नकारात्मक विचार घर कर जाते हैं जो प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।'
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