Wednesday, November 24, 2021

हर मैच में शतक बनाने की जरूरत नहीं... फॉर्म पर उठाया सवाल तो ये बोले रहाणे

कानपुर को अपनी खराब फॉर्म से संबंधित सवाल पूछना अच्छा नहीं लगा जिस पर उन्होंने कहा कि उनकी फॉर्म के बारे में चिंताएं आधारहीन हैं और योगदान का मतलब प्रत्येक मैच में टेस्ट शतक जमाना नहीं है। रहाणे ने इस साल में 11 टेस्ट मैचों में 19 के औसत से रन बनाए हैं। उन पर यह दबाव दिखायी दिया और उन्होंने कहा कि एक विशेषज्ञ शीर्ष क्रम के बल्लेबाज द्वारा बनाए गए ‘30, 40 या 50 रन’ भी स्वीकार्य योगदान होगा, बशर्ते टीम जीत जाए। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले रहाणे ने कहा, ‘अपनी फॉर्म के बारे में चिंतित नहीं हूं। मेरा काम अपनी टीम के जितना संभव हो सके, उतना योगदान करना है। योगदान का मतलब यह नहीं है कि आपको प्रत्येक मैच में 100 रन बनाने की जरूरत है। प्रति पारी 30, 40, 50 रन का स्कोर भी महत्वपूर्ण योगदान हैं।’ रहाणे स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन वह जानते हैं कि जहां तक दक्षिण अफ्रीका दौरे की सीरीज के लिए चयन का संबंध है तो कानपुर और मुंबई (दूसरा टेस्ट) में खराब स्कोर से वह मुश्किल स्थिति में पहुंच सकते हैं। भविष्य के बारे में उनके विचार थे कि ‘जो होगा सो होगा’। उन्होंने कहा, ‘भविष्य में क्या होना वाला है, मैं उसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। भविष्य में जो होना होगा, वो होगा ही और मुझे वर्तमान में बने रहने की जरूरत है ताकि मैं इस समय अपना सर्वश्रेष्ठ दूं।’ यह पूछने पर कि क्या यह संभव है कि बल्लेबाज और कप्तान को अलग अलग करके देखा जाए। तो उन्होंने कहा, ‘जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं तो मेरा ध्यान सिर्फ बल्लेबाजी पर होता है और मैं उसी क्षण में होता हूं। यह इतना ही सरल है। जब मैं क्षेत्ररक्षण कर रहा होता हूं तो मैं सोच रहा होता हूं कि हमारी योजनाएं किस तरह की हैं और रणनीति कैसी है।’ कप्तान ने कहा कि नए कोच राहुल द्रविड़ ने उन्हें कोई विशेष गुर नहीं दिए हैं बल्कि उन्हें चीजों को सरल रखने को कहा है क्योंकि वे काफी अनुभवी हैं। रहाणे ने कहा, ‘राहुल भाई ने हमें अपने मजबूत पक्षों का समर्थन करने और चीजें सरल रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा चिंता मत करो, मुझे और पुजारा को कहा कि हम अपनी योजना जानते हैं और हम काफी वर्षों से खेल रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए चीजें सरल रखना और खुद का समर्थन करते रहना अहम है। हम ज्यादा चिंतित नहीं हैं।’ यही बात टीम के उपकप्तान ने मंगलवार को कही थी। आमतौर पर भारतीय कप्तान ऐसा नहीं कहते लेकिन रहाणे ने स्वीकार किया कि भारतीय बल्लेबाजों को भी स्पिनरों के मुफीद पिचों पर मुश्किल होगी, हालांकि वह ग्रीन पार्क की पिच को देखकर खुश दिख रहे थे। यहां इस बात का भी जिक्र किया जाना चाहिए कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पिचों पर रहाणे को भी स्पिनरों के खिलाफ जूझना पड़ा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अयाज पटेल की स्पिन के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं। रहाणे ने कहा, ‘भारतीय बल्लेबाजों के लिए भी स्पिनरों के लिए मददगार पिचों पर खेलना चुनौतीपूर्ण है। हम इस तरह की विकेटों पर नहीं खेलते। बल्लेबाजों को मैदान पर जाकर इसका फायदा उठाना होगा। अगर हम टेस्ट मैच और सीरीज जीतते हैं तो हमें स्पिनरों के मुफीद पिच की कोई चिंता नहीं है।’ उन्होंने पिच के बारे में कहा कि यह जैसा भी बर्ताव करेगी, उनकी टीम इसके अनुकूल प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। रहाणे ने कहा, ‘हां, हम खुश हैं। मैं नहीं जानता कि विकेट किस तरह का व्यवहार करेगा। हमें जो भी विकेट मिलेगा, उसके अनुरूप ढलना होगा। हम इसके लिए तैयार हैं।’ केएल राहुल के चोटिल होने से श्रेयस अय्यर के लिए टीम में जगह बनाने के दरवाजे खुल गए हैं जो अपना पहला टेस्ट मैच खेलेंगे लेकिन भारतीय कप्तान ने यह खुलासा करने से इनकार कर दिया कि तीसरा स्पिनर और दूसरा तेज गेंदबाज कौन होगा, हालांकि तेज गेंदबाजी विभाग में उमेश यादव के साथ जोड़ी बनाने के लिए इशांत शर्मा निश्चित दिखते हैं। स्पिन विभाग में अक्षर पटेल ने हालांकि अभ्यास नहीं किया लेकिन जयंत यादव नेट सत्र के दौरान अच्छी लय में दिखे। रहाणे ने पुष्टि की, ‘हां, श्रेयस अपना पदार्पण करेंगे।’


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