Tuesday, November 9, 2021

Ravi Shastri Exclusive: मैं यहां ट्रॉफियों के लिए नहीं बल्कि टीम को स्टील सा मजबूत बनाने के लिए था: रवि शास्त्री

मुंबई सुबह हुए काफी देर हो चुकी थी। रवि शास्त्री के पास एक के बाद एक धड़ाधड़ मेसेज आ रहे थे। उनमें से कई का उन्होंने देर रात तक जवाब दिया। लेकिन फोन पर वह काफी रिलैक्स नजर आए। पूरी तरह रिलैक्स लेकिन साथ ही संतुष्ट भी हैं। कोच पद से हटने के बाद अपने पहले इंटरव्यू में रवि शास्त्री ने बोरिया मजूमदार के साथ बात की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में दो सीरीज जीत, आईसीसी ट्रोफी नहीं जीत पाने, अपने उत्तराधिकारी राहुल द्रविड़ व कई अन्य मुद्दों पर बात की। भारतीय क्रिकेट टीम के कोच के तौर पर अपने कार्यकाल से आप आप संतुष्ट हैं? बेशक, मेरी उम्मीद से बेहतर। हां, मेरी अलमारी में कुछ और ट्रोफी होतीं तो बेहतर रहता। लेकिन, मैं यहां चांदी की ट्रोफियों से ज्यादा स्टील के लिए था। मैं इस टीम को ऐसा बना पाया। इस टीम को क्रिकेट खेलने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिना जाएगा। मेरा पैमाना सिर्फ भारतीय क्रिकेट की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि खेलने वाली किसी भी टीम की बात कर रहा हूं। यानी इस टीम को सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिना जाएगा। आप किसी भी तरह से देखें, आप कहेगे कि यह बहुत अच्छी क्रिकेट टीम है। कोच के रूप में इससे बेहतर अनुभव कोई और नहीं हो सकता। टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन कैसा रहा इसे लेकर काफी चर्चाएं होती हैं। आप बताइए कि ऑस्ट्रेलिया में दो सीरीज जीत और इंग्लैंड सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर आप क्या कहेंगे? मैं किसी भी ट्रोफी के लिए के लिए ऑस्ट्रेलिया में दो सीरीज जीत को नहीं बदलूंगा। एक कोच के तौर पर मैं कह सकता हूं कि वे दो सीरीज मेरे लिए सब कुछ हैं। कई अहम खिलाड़ियों के चोट की वजह से बाहर होने के बाद हमारी टीम ने दिखाया कि वे किस चीज के बने हैं। आखिर भारतीय क्रिकेट क्या हैं? स्टील... और मैं कहना चाहूंगा कि लड़कों ने मेरी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। इंग्लैंड में हमने फिर शानदार क्रिकेट खेला। लॉर्ड्स की जीत का उदाहरण लें, हमने सामने वाली टीम को 50 ओवर में ऑल आउट कर दिया। आप देखें, तो आपको पता चलेगा कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं। पर क्या एक टीम के तौर पर आईसीसी ट्रोफी नहीं जीत पाना आपको दुख देता है? बेशक, जैसा मैंने कहा कि मैं और जीतना चाहता था। लेकिन यह टीम बनाने की बात है, टेस्ट सीरीज जीतने की बात है, एक मजबूत टीम बाने की बात है। और मैं इसलिए ही वहां गया था। तो, कोई मलाल नहीं है। आप अपने साझेदार भरत अरुण (बोलिंग कोच) और आर. श्रीधर (फील्डिंग कोच) के बारे में क्या कहना चाहेंगे? वे भी आगे बढ़ रहे हैं और वह इस टीम का अहम हिस्सा रहे। बिना किसी शक के। भरत मेरा दोस्त है, भाई और बहुत कुछ है। उन्होंने जो इस टीम के साथ किया उसकी तुलना नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल मुझसे बेहतर है क्योंकि वह अंडर-19 के दिनों से उनके साथ हैं, जब वह नैशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ करते थे। खेल, स्पोर्ट्स साइंस और बायोमैट्रिक्स को लेकर उनकी समझ का कोई मुकाबला नहीं। भारतीय टीम को भरत से अच्छा गुरु नहीं मिल सकता। मैं दुनिया में जितने भी लोगों से मिला हूं श्रीधर उनमें सबसे अच्छे फील्डिंग कोच हैं। चाहे हम 36 पर ऑल आउट हो जाएं या फिर 450 रन बनाएं उनका जज्बा कभी कम नहीं होता। जिस तरह उन्होंने टीम को तैयार किया है वह लाजवाब है। वह जो भी करेंगे, जहां भी जाएंगे, उनका भविष्य उज्ज्वल है। विराट कोहली ने भारत की टी20 टीम की कप्तानी छोड़ दी है। आप दोनों के बीच बहुत अच्छा रिश्ता था। विराट खेल के बहुत अच्छे दूत हैं। बीते पांच साल में वह टेस्ट क्रिकेट के लिए सबसे ज्यादा आवाज उठाने वाले खिलाड़ी हैं। वह एक शानदार बल्लेबाज और खिलाड़ी हैं। उनके साथ इतने साल काम करके टीम तैयार करना वाकई गर्व की बात है। मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आप भावी कप्तान रोहित शर्मा को कैसे देखते हैं? रोहित एक शानदार कप्तान हैं। देखें, जब भी उन्हें किसी भी टीम की कप्तानी का मौका मिला है तो उनका प्रदर्शन कैसा रहा है। मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं कि वह महान कप्तान साबित होंगे। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शामिल हैं। अब टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने अपना रंग हासिल कर लिया है। रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में कामयाबी हासिल करते देखना मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ लम्हों में था। आप एक अच्छी तैयार टीम देकर जा रहे हैं। टीम की बुनियाद मजबूत है और इससे राहुल द्रविड़ को काफी मदद मिलेगी। मैं राहुल को बहुत शुभकामनाएं देता हूं। वह भारत के सबसे महान बल्लेबाजों में शामिल हैं। वह एक ऐसी टीम की कमान संभालेंगे जो जंग के लिए तैयार है। उन्हें पता चलेगा कि उनके पास कुछ शानदार खिलाड़ी हैं और मुझे यकीन है कि वह स्तर को और आगे ले जाएंगे और भारतीय क्रिकेट के लिए कुछ बहुत शानदार चीजें हासिल करेंगे। दरअसल, उन जैसे कद के व्यक्तित्व से यही उम्मीदें की जा सकती हैं। और अब रवि शास्त्री का क्या? वह यहां से कहां जाएंगे? कॉमेंट्री या फिर आईपीएल, आपकी क्या योजना है? फिलहाल कोई योजना नहीं है। हाथ की पांच उंगलियों की तरह मेरे पास भी पांच अलग-अलग मौके हैं। कॉमेंट्री इसमें से सिर्फ एक है। देखते हैं मैं किस ओर जाता हूं।


from Cricket News in Hindi : Cricket Updates, Live Cricket Scorecard, Cricket Schedules, Match Results, Teams and Points Table, India vs Australia test series – Navbharat Times https://ift.tt/3n1FosW
Share:

0 comments:

Post a Comment

Blog Archive

Definition List

Unordered List

Support