दुबईभारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कप्तान के रूप में अपने अंतिम मैच में नामीबिया को नौ विकेट से हराने के बाद टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने के कारण निराश दिखे लेकिन उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अपने काम के बोझ का प्रबंधन करने का सही समय है। कोहली पिछले काफी समय से क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की अगुआई कर रहे हैं और मौजूदा टी20 विश्व कप से पहले ही उन्होंने घोषणा कर दी थी कि इस प्रारूप में भारतीय कप्तान के रूप में यह उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा। नामीबिया के 133 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रोहित की 37 गेंद में दो छक्कों और सात चौकों से 56 रन की पारी के अलावा लोकेश राहुल (36 गेंद में नाबाद 54, चार चौके, दो छक्के) के साथ उनकी पहले विकेट की 86 रन की साझेदारी की बदौलत 28 गेंद शेष रहते एक विकेट पर 136 रन बनाकर जीत दर्ज की। राहुल ने सूर्यकुमार यादव (19 गेंद में नाबाद 25 रन) के साथ भी दूसरे विकेट के लिए 50 रन की अटूट साझेदारी की। जडेजा (16 रन पर तीन विकेट), अश्विन (20 रन पर तीन विकेट) और जसप्रीत बुमराह (19 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने नामीबिया की टीम आठ विकेट पर 132 रन ही बना सकी। नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद कोहली से जब आखिरी मैच में कप्तानी को लेकर भावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले तो राहत महसूस कर रहा हूं। जैसा कि मैंने पहले कहा कि यह सम्मान की बात है लेकिन चीजों को सही नजरिए से देखना होगा। यह मेरे लिए काम के बोझ का प्रबंधन करने का सही समय है। पिछले छह से सात साल में हमने जब भी मैदान में कदम रखा तो कड़ा क्रिकेट खेला जिसका शरीर पर काफी असर पड़ता है।’ उन्होंने कहा, ‘यह काफी अच्छा रहा, खिलाड़ियों का शानदार समूह और हमने टीम के रूप में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे पता है कि इस विश्व कप में हम काफी आगे तक नहीं गए लेकिन टी20 क्रिकेट में हमने कुछ अच्छे नतीजे हासिल किए और एक दूसरे के साथ खेलने का लुत्फ उठाया।’ कोहली ने कहा कि अगर पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में शुरुआती लगभग दो ओवर अच्छे रहते तो चीजें अलग हो सकती थी। उन्होंने कहा, ‘टी20 क्रिकेट में अधिक अंतर नहीं होगा। अगर आप पहले दो मैचों में शुरुआती लगभग दो ओवर में अधिक जज्बे के साथ खेलते तो चीजें अलग हो सकती थी। जैसा कि मैंने कहा कि हमने पर्याप्त साहस नहीं दिखाया। हम ऐसी टीम नहीं हैं जो टॉस हारने को बहाना बनाए।’ मुख्य कोच और अन्य सहयोगी स्टाफ के टीम के साथ अंतिम मुकाबले के बाद कोहली ने सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘इन सभी लोगों को धन्यवाद, इन वर्षों में उन्होंने शानदार काम किया और टीम को एकजुट रखा। टीम के आसपास शानदार माहौल रहा, वे हमारे बड़े परिवार का विस्तार हैं। उन्होंने भी भारतीय क्रिकेट में शानदार योगदान दिया है। हम सभी की ओर से उन सभी को धन्यवाद।’ सूर्यकुमार यादव को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका देने पर कोहली ने कहा, ‘सूर्य को क्रीज पर बिताने के लिए काफी समय नहीं मिला और मैंने सोचा कि यह उसके लिए अच्छी याद रहेगी। एक युवा खिलाड़ी के रूप में आप विश्व कप से कुछ अच्छी यादें लेकर जाना चाहते हो।’ नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने कहा कि उन्होंने मैचों के बीच कम समय के कारण इस अनुभव का लुत्फ नहीं उठाया लेकिन स्वदेश लौटने पर वे महसूस कर पाएंगे कि उन्होंने कितना शानदार काम किया। इरासमस ने कहा, ‘मैचों के बीच तेजी से उतार चढ़ाव देखने को मिला जिससे हम इस अनुभव का लुत्फ नहीं उठा पाए। स्वदेश लौटने पर हम महसूस कर पाएंगे कि हमने शानदार क्रिकेट खेला। व्यक्तिगत खिलाड़ी और टीम के रूप में हमारे पास काफी सकारात्मक पक्ष हैं और हमारे लिए यह अनुभव शानदार रहा। अगर हम अगले चरण पर जाना चाहते हैं तो यह हमारे लिए अच्छी बुनियाद है।’ इरासमस ने कहा कि वे अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर उत्सुक हैं। नामीबिया को सुपर 12 चरण में जगह बनाने के कारण सीधे पहले दौर में क्वालीफायर खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘(अगले साल विश्व कप में खेलना) यह एक और शानदार चीज है जिसे लेकर हम उत्सुक हैं। हम संभवत: नामीबिया में क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेंगे।’ प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए जडेजा ने कहा कि उन्होंने गेंदबाजी करने का पूरा लुत्फ उठाया। जडेजा ने कहा, ‘एक गेंदबाज के रूप में आज मैंने गेंदबाजी करने का लुत्फ उठाया। गेंद सूखी थी इसलिए मैंने सूखी गेंद से गेंदबाजी का लुत्फ उठाया। कुछ गेंद टर्न कर रही थी और कुछ सीधी जा रही थी जिससे बल्लेबाजों को मुश्किल हो रही थी।’ अश्विन के साथ गेंदबाजी करने पर जडेजा ने कहा, ‘मैं उनके साथ गेंदबाजी करने का लुत्फ उठाता हूं, मैं 10 साल से उनके साथ खेल रहा हूं। वह सफेद गेंद से शानदार प्रदर्शन कर रहा है। आईपीएल में भी उसने ऐसा किया।’ कोहली की कप्तानी पर जडेजा ने कहा, ‘विराट ने शानदार कप्तानी की और मैं उनके साथ भी 10 से 12 साल से खेल रहा हूं। मैंने हमेशा उनकी कप्तानी का लुत्फ उठाया। वह सकारात्मक और आक्रामक है जो एक खिलाड़ी के रूप में आप चाहते हैं।’ मुख्य कोच शास्त्री सहित सहयोगी स्टाफ के टीम के साथ अंतिम मैच पर जडेजा ने कहा, ‘उन्होंने सहयोगी स्टाफ के रूप में सात से आठ साल में शानदार काम किया है और हमने उनके साथ काम करने का लुत्फ उठाया।’
from Cricket News in Hindi : Cricket Updates, Live Cricket Scorecard, Cricket Schedules, Match Results, Teams and Points Table, India vs Australia test series – Navbharat Times https://ift.tt/3BUtHbS






0 comments:
Post a Comment