हुएलवा (स्पेन)बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। टूर्नामेंट के मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में और युवा भिड़ेंगे। दोनों खिलाड़ियों में जो भी जीतेगा सिल्वर मेडल अपने नाम करेगा। यानी टूर्नामेंट में भारत का रजत पदक भी पक्का हो गया है। इन दोनों ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भारत के लिए दो पदक पक्के किए। पहले विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी और यहां 12वें वरीय श्रीकांत ने नीदरलैंड के मार्क कालजोऊ पर क्वॉर्टर फाइनल में महज 26 मिनट में 21-8 21-7 से जीत हासिल की। इसके बाद गैरवरीयता प्राप्त सेन ने अपने जुझारूपन का शानदार नमूना पेश किया तथा क्वॉर्टर फाइनल में चीन के जुन पेंग झाओ को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-15, 15-21, 22-20 से हराया। यह मैच एक घंटे और सात मिनट तक चला। सेन ने अपने साथी के साथ मैच को लेकर कहा, ‘मैं भी अच्छा खेल रहा हूं और हम दोनों ही आक्रामक शैली का खेल खेलते हैं। देखते हैं कौन फाइनल में पहुंचता है। भारत ने एक फाइनलिस्ट तो पक्का कर लिया है जो अच्छी चीज है। मैं मुकाबले के लिए तैयार हूं।’ सेन ने जीत के बाद कहा, ‘मैं रैली में आत्मविश्वास से भरा हुआ था। लेकिन हम दोनों ने कुछ गलतियां की। 20-20 पर मैं चूक गया लेकिन मैं फिर भी विनर लगाने में सफल रहा, थोड़ा भाग्यशाली रहा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं तीन वर्षों में श्रीकांत से नहीं खेला हूं, इसलिए यह अच्छा मैच होगा। वह भी बहुत अच्छा खेल रहे हैं और उन्होंने इस हफ्ते में अपने प्रतिद्वंद्वियों को दोहरे अंक तक पहुंचने से पहले ही हरा दिया है।’ इन दोनों से पहले महान खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण (1983 में कांस्य पदक) और बी साई प्रणीत (2019 में कांस्य पदक) ने पदक जीते थे। सिंधु ने विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं जबकि साइना नेहवाल के नाम दो पदक हैं। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी ने भी 2011 में कांस्य पदक जीता था।
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