Wednesday, January 26, 2022

कभी क्रिकेट के लिए छोड़े थे बोर्ड एग्जाम, अब टीम इंडिया में खेलेगा यह मिस्ट्री स्पिनर

नई दिल्ली: युवा मिस्ट्री स्पिनर (Ravi Bishnoi) को वेस्टइंडीज (IND vs WI) के खिलाफ वनडे और टी-20 होम सीरीज के लिए सिलेक्टेड टीम इंडिया में शामिल किया गया है। रोहित शर्मा की कप्तानी में यह लेग स्पिनर अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज कर सकता है। बिश्नोई को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खोज माना जाता है। उन्होंने पंजाब की टीम की तरफ से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। वह अगले आईपीएल में नई फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपरजाइंट्स (Lucknow Super Giants) की तरफ से खेलेंगे। फ्रेंचाइजी ने उन्हें टीम से जोड़ा है। रवि उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने पढ़ाई पर खेल को प्राथमिकता दी, जो उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। दरअसल, वह राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट बॉलर चुने गए थे और उसी समय उनका 12वीं का बोर्ड एग्जाम भी आ गया। उनके पिता और वह खुद भी चाहते थे कि एग्जाम दें, लेकिन अपने दो कोचों से बात करने के बाद उन्होंने क्रिकेट को तरजीह दी। अब देखिए उन्हें पहली बार टीम इंडिया में शामिल किया गया है। क्रिकेट के लिए छोड़ दिए थे बोर्ड एग्जामबात 2018 की है। रवि विश्नोई को 12वीं के बोर्ड एग्जाम देने थे। इस बीच आईपीएल सत्र की शुरुआत हो चुकी थी और रवि को राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट बोलिंग करने का मौका मिला था। रवि के पिता ने उन्हें फोन कर रॉयल्स का कैंप छोड़ अपने 12वीं के एग्जाम पर ध्यान लगाने के लिए कहा था। रवि भी अपने पिता की बात को मानने को तैयार थे। नहीं मानी पिता की सलाहरवि ने अपने दो कोचों से जब इस बात पर सलाह मांगी तो उन्होंने रवि को बताया कि वर्ल्ड क्लास बल्लेबाजों के सामने नेट में बोलिंग करना कोई छोटी बात नहीं है। यहां से पहचान मिली तो फिर क्रिकेटर बनने का सपना सच हो सकता है। यही वह साल था जब रवि की लेग स्पिन क्रिकेट जगत में उनकी एक अलग पहचान बना रही थी। बाद में रवि ने अपने पिता की बात न मानकर क्रिकेट प्रैक्टिस जारी रखी और अपने बोर्ड एग्जाम छोड़ दिए। अंडर 19 वर्ल्ड कप में बने स्टार खिलाड़ीउनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें भारत की ओर से अंडर 19 वर्ल्ड कप-2019-20 खेलने का मौका मिल गया। इस टूर्नमेंट में रवि ने कुल 17 विकेट अपने नाम किए, जिनमें जापान और न्यू जीलैंड के खिलाफ उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। उनकी गुगली क्रिकेट विशेषज्ञों का खासा प्रभावित कर रही है। वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 रन देकर 4 विकेट झटकना था। कोच की सलाह से छोड़े बोर्ड एग्जामइस बारे में जोधपुर में स्पार्टन क्रिकेट अकैडमी चलाने वाले रवि के कोच प्रद्योत सिंह ने कहा था, 'यह मार्च 2018 का समय था। उन्हें राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को नेट में बोलिंग करने के लिए अपनी बारी का इंतजार था। तब रवि को भरोसा भी नहीं था कि उन्हें वहां बोलिंग का मौका मिलेगा भी या नहीं। जब उनके पापा का कॉल आया तो वह भी नेट छोड़ घर वापस जाना चाहते थे। लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। वह रॉयल्स के कैंप में ही रुके और उन्होंने अपने एग्जाम छोड़ दिए।' अंडर 19 टीम में दो बार हुए रिजेक्टइसके बाद 19 वर्षीय इस खिलाड़ी को तब न तो अंडर 16 की टीम में जगह मिली और न ही अंडर 19 में, इससे यह युवा स्पिनर दुखी था। लेकिन इस खेल के प्रति उनके प्यार ने और उनके साथ जो सपॉर्टिंग सिस्टम है उसने रवि का मनोबल गिरने नहीं दिया। अंडर 19 के लिए हुए ट्रायल में दो बार उनका रिजेक्शन हुआ। लेकिन जब वह बतौर नेट बोलर राजस्थान रॉयल्स में बोलिंग करने लगे तो कई लोगों की नजर उन पर पड़ी। यहां से रवि को अपनी बोलिंग में और पैनापन लाने के जरूरी टिप्स मिलते चले गए और अंडर 19 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी एक खास पहचान बना ली। ऐसा है अब तक का करियररवि विश्नोई ने अब तक लिस्ट-ए करियर में 17 मैच खेले हैं और 24 विकेट अपने नाम किए हैं, जबकि टी-20 में 42 मैचों में 49 विकेट झटके हैं। उन्होंने 23 IPL मैचों में 24 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत है दबाव में विकेट दिलवाना। यही वजह है कि IPL की नई फ्रेंचाइजी लखनऊ ने उन्हें अपने साथ जोड़ा है।


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