नई दिल्ली: एनबीटी के शीर्षक 'क्या इंडिया को यश मिलेगा' पढ़कर हम सभी काफी भावुक को गए थे। एनबीटी का यह शीषर्क हमारे लिए काफी इमोनशनल था। यह कहना है अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम (U-19 World Cup Team) के कैप्टन यश ढुल (Yash Dhull) की मां नीलम का। उनकी मां नीलम (Yash Dhull Mother) का यश की कामियाबी में बहुत बड़ा हाथ रहा है। यश के परिवार पर बधाई देने वालों की भीड़ है। पिता विजय सिंह ढुल (Yash Dhull Father Vijay Singh Dhull) ने बताया कि यश महज 6 साल की उम्र में क्रिकेट अकैडमी जाने लगा था। क्रिकेट को लेकर उसकी गंभीरता 3 से 4 सालों में नजर आने लगी। जब वह 5वीं क्लास में था, तो उसका एडमिशन बाल भवन में इसी वजह से करवाया, क्योंकि वहां क्रिकेट अकेडमी थी। पिता विजय ने बताया कि वह खुद भी डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते थे, हालांकि चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। लेकिन एक सपना था कि अपने बेटे को क्रिकेट में दिशा देंगे। यह संयोग रहा कि यश की दिलचस्पी भी बचपन से ही क्रिकेट में दिखने लगी। पूरे परिवार ने यश को क्रिकेट के लिए प्रेरित किया और यश का सपना परिवार का सपना रहा। यश के दादाजी पहले उसे अकेडमी लेकर जाते थे और लाते थे। उनके व्यस्त होने पर यह काम उनकी मां करने लगी। 2017 में दादाजी के निधन के बाद यह जिम्मेदारी नीलम पर आई। घर के काम के साथ उन्होंने कोचिंग को इस तरह मैनेज किया कि कभी यश की कोचिंग मिस नहीं हो पाई। पिता विजय ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। एक समय आया जब परिवार ने यश से बात की कि बेटा अब तुम्हे अपना आना जाना खुद करना पड़ेगा। इसके बाद यश कभी ऑटो से तो कभी दोस्तों के साथ किट उठाकर अकैडमी जाने लगा। कई बार वह और उनकी पत्नी अकैडमी के बाहर खड़े होकर कोचिंग खत्म होने का इंतजार करते थे, यश को खेलते हुए देखते थे, लेकिन उन्होंने यश की कोचिंग में कभी दखल नहीं दी। यश महज 17 साल की उम्र में अंडर-19 क्रिकेट टीम का कैप्टन () बन गया था। परिवार की मेहनत अब रंग लाने लगी थी। मां नीलम ने बताया कि यश के मैच वह देख नहीं पाती। इसकी वजह यह है कि वह बहुत भावुक हो जाती है। उन्हें डर लगने लगता है कि अगली बॉल में क्या होगा। लेकिन वह मैच खत्म होने के बाद पूरे मैच की रिकॉर्डिंग जरूरत देखती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल ने यश का काफी साथ दिया। एग्जाम से पहले एक महीने में एक्स्ट्रा क्लासेस आदि स्कूल की तरफ से उसे दी जाती थी। जिसकी वजह से वह पढ़ाई और क्रिकेट दोनों को मैनेज कर पाया। उसकी बड़ी बहन स्नेहा ने भी अपने भाई को काफी सपोर्ट किया है। बहन स्नेहा ने बताया कि यश काफी डिसिप्लिंड है। अपने कोच की सभी बातें मानता है। उसे क्या खाना है, फिटनेस कैसे बनाए रखनी है वह सभी टिप्स कोच से लेता है और उस पर अमल भी करता है। अपने फिटनेस शेड्यूल, डाइट प्लान को लेकर वह काफी गंभीर है। उन्होंने बताया कि यश सभी इंटरनैशनल प्लेयर को पसंद करता है, लेकिन विराट कोहली से वह काफी इंस्पायर्ड है। घर पर इस समय चाचा सहदेव, चाची ज्योत्सना, यश के नाना ओम प्रकाश धनखड़ आदि साथ मिलकर खुशियां मना रहे हैं। परिवार की खुशियां देखते ही बनती हैं।
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