Monday, July 15, 2019

चौकों, छक्कों से इंग्लैंड की विश्व कप जीत: न्यू जीलैंड की मीडिया बोली-'छली' गई टीम, दिग्गज भी बरसे

लंदन/वेलिंगटन द्वारा पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीतने के बाद मेजबान टीम का जोश हाई है लेकिन फाइनल के रिजल्ट के बाद की मीडिया समेत क्रिकेट के कई दिग्गज चौकों-छक्के के आधार पर मेजबान टीम की जीत की आलोचना कर रहे हैं। न्यू जीलैंड की मीडिया में इसे अपनी टीम के साथ 'छल' बताया है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी आईसीसी के नियम को 'हास्यास्पद' करार दिया है। पढ़ें, न्यू जीलैंड की मीडिया ने रिजल्ट को बताया 'छल' '22 नायकों के साथ क्रिकेट विश्व कप का फाइनल और कोई विजेता नहीं', न्यू जीलैंड के एक अखबार में सोमवार को छपा शीर्षक पूरी कहानी बयां करता है और यहां मीडिया का मानना है कि आईसीसी के अटपटे नियम के कारण उनकी टीम 'छली' गई है। रविवार को लॉडर्स के मैदान पर बेहद रोमांचक फाइनल में निर्धारित ओवरों और सुपर ओवर में स्कोर बराबर रहने के बाद चौकों, छक्कों की संख्या के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया। स्टफ डॉट कॉम न्यू जीलैंड ने लिखा ,‘क्रिकेट विश्व कप फाइनल: चौकों, छक्कों की गिनती ने न्यू जीलैंड को जीत से महरूम किया ।’ 'न्यू जीलैंड हेराल्ड ’ ने लिखा ,‘क्रिकेट विश्व कप फाइनल: 22 नायक और कोई विजेता नहीं ।’ एक अन्य कालम में लिखा ,‘ओवर थ्रो के लिये इंग्लैंड को छह नहीं, पांच रन मिलने चाहिए थे।’ पढ़िए, 'सुपर ओवर में नहीं होना चाहिए फाइनल का फैसला' न्यू जीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन ने कहा कि विश्व कप फाइनल का फैसला सुपर ओवर के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने अपने कालम में लिखा ,‘केन विलियमसन और इयोन मॉर्गन दोनों को कप दिया जाना चाहिए था। इस तरह का फाइनल कोई भी टीम नहीं हारना चाहेगी। न्यू जीलैंड के कप्तान विलियमसन के हाथ में भी कप होना चाहिए था ।’ हेसन ने कहा ,‘नॉकआउट चरण में फैसला सुपर ओवर पर हो सकता है लेकिन फाइनल में नहीं ।’ पूर्व दिग्गजों ने ICC के नियम को बताया हास्यास्पद पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर समेत पूर्व दिग्गजों ने चौके, छक्के गिनकर विश्व कप विजेता का निर्धारण करने वाले आईसीसी के ‘हास्यास्पद’ नियम की जमकर आलोचना की। इंग्लैंड ने मैच में 22 चौके और दो छक्के लगाए थे जबकि न्यू जीलैंड ने 16 चौके लगाए थे। गंभीर ने की ICC की आलोचना गंभीर ने ट्विटर पर लिखा ,‘समझ में नहीं आता कि विश्व कप फाइनल जैसे मैच के विजेता का निर्धारण चौकों, छक्कों के आधार पर कैसे हो सकता है। हास्यास्पद नियम। यह टाइ होना चाहिए था। मैं न्यू जीलैंड और इंग्लैंड दोनों को बधाई देता हूं ।’ पढ़ें, युवराज बोले-नियम तो नियम है विश्व कप 2011 के प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने लिखा , 'मैं नियम से सहमत नहीं हूं लेकिन नियम तो नियम है। इंग्लैंड को आखिरकार विश्व कप जीतने पर बधाई। मैं न्यू जीलैंड के लिए दुखी हूं, जो अंत तक जूझ रही थी। शानदार फाइनल ।’ स्टायरिस ने आईसीसी को कहा लतीफा न्यू जीलैंड के पूर्व हरफनमौला स्कॉट स्टायिरस ने लिखा ,‘शानदार काम आईसीसी। आप एक लतीफा हो ।’ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डीन जोंस ने लिखा ,‘डकवर्थ लुईस प्रणाली रन और विकेट पर निर्भर है। इसके बावजूद फाइनल में सिर्फ चौकों, छक्कों को आधार माना गया। मेरी राय में यह गलत है।’ न्यू जीलैंड के पूर्व हरफनमौला डियोन नैश ने कहा ,‘मुझे लग रहा है कि हमारे साथ छल हुआ है। यह बकवास है। सिक्के की उछाल की तरह फैसला नहीं हो सकता। नियम हालांकि पहले से बने हुए हैं तो शिकायत का कोई फायदा नहीं ।’


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