सिडनी पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में कई गलत फैसलों के बाद शनिवार को कहा कि क्रिकेट मैचों में अब तटस्थ अंपायर रखने की जरूरत को बदलने की आवश्यकता है। एजबेस्टन में चल रहे इस टेस्ट के शुरुआती दिनों में पाकिस्तान के और वेस्ट इंडीज के जोएल विल्सन के कई फैसलों की आलोचना हो रही है। इनके कई फैसलों को समीक्षा प्रणाली द्वारा बदला गया। पॉन्टिंग मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के क्रिकेट समिति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि अगली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो। उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वेबसाइट से कहा, 'खिलाड़ियों ने आपस में इस पर काफी बातें कर ली हैं। अगर अगली एमसीसी बैठक में इस मुद्दे को नहीं उठाया गया तो मैं सुनिश्चित करूंगा कि इसे अजेंडे में शामिल किया जाए।' पॉन्टिंग ने कहा, 'मैं सोचना चाहूंगा कि अब खेल यहां तक पहुंच गया है कि अब तटस्थ अंपायर रखने की जरूरत नहीं है।' उन्होंने कहा, 'लोग कह सकते हैं कि अब हमारे पास जितनी भी तकनीक है, उसे देखते हुए यह मायने नहीं रखता। लेकिन जब गलत फैसले लिए जाते हैं तो यह देखना अच्छा नहीं लगता। पिछले कुछ वर्षों में डीआरएस को लेकर काफी नकारात्मकता रही है, लेकिन एजबेस्टन में हम काफी भाग्यशाली रहे।' अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 2002 में तटस्थ अंपायर रखने का फैसला किया था, जिससे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई अंपायर (जिन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ में माना जाता है) एशेज सीरीज का हिस्सा नहीं हो सकते।
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