Sunday, October 13, 2019

BCCI में नया संविधान, फिर भी नहीं बदला स्वरूप

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में सुधार के लिए लोढ़ा कमिटी ने कुछ सिफारिशें सुझाई थीं। इन सिफारिशों को बोर्ड में लागू कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी निगरानी में (CoA) का गठन किया था। इस समिति की देखरेख में में नया संविधान लागू हुआ और उसी के आधार पर बोर्ड के कामकाज का जिम्मा संभालने के लिए नए चेहरों को कमान संभालने का मौका दिया गया। लेकिन इस नए बदलाव के बावजूद बोर्ड के कामकाज में कुछ बदलता नहीं दिख रहा है। बोर्ड के नए संविधान और नियमों के मुताबिक अब एन. श्रीनिवासन, निरंजन शाह, अनुराग ठाकुर, परिमल नटवानी और चिरायु अमीन जैसे नाम नहीं हैं। नए नियमों के मुताबिक वे अपने कूलिंग ऑफ पीरियड पर होंगे लेकिन इस दौरान भी बोर्ड में उनका वर्चस्व कम होता नहीं दिख रहा। 23 अक्टूबर को होने जा रही बोर्ड की जनरल बॉडी मीटिंग में जो नए चेहरे हिस्सा लेंगे उनमें ज्यादातर चेहरे इन प्रचलित नामों के बेटे-बेटी, भाई-बहन या उनके परिवार के अन्य सदस्य ही हैं। अंग्रेजी दैनिक द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के सभी राज्य संघ क्रिकेट इकाइयों का यही हाल है, जहां पुराने अधिकारियों की जगह जो नए अधिकारी चुने गए हैं, उनमें ज्यादातर पुराने अधिकारियों के नाते-रिश्तेदार ही हैं। चाहे आप तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन का नाम लें या फिर बंगाल क्रिकेट असोसिएशन का, सौराष्ट्र क्रिकेट असोसिएशन को देख लें या फिर हिमाचल प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन सभी में हुए बदलाव एक समान ही हैं। तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन (TNCA) की बात करें तो यहां पूर्व बीसीसीआई और इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन की बेटी रूपा गुरुनामथ नई अध्यक्ष बनी हैं। सौराष्ट्र किकेट असोसिएशन (SCA) के नए अध्यक्ष जयदेव शाह हैं, जो निरंजन शाह के बेटे हैं, जो 4 दशक से ज्यादा इस असोसिएशन के सचिव रहे। इसी तरह हिमाचल प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन (HPCA) की नए बदले स्वरूप को देखें तो यहां बीसीसीआई और एचपीसीए के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई अरुण के हाथ में नियंत्रण है। गुजरात क्रिकेट असोसिएशन की बात करें तो यहां वर्तमान में देश के गृह मंत्री और गुजरात क्रिकेट असोसिएशन के भूतपूर्व अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह को बीसीसीआई की इस एजीएम मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए नामित किया गया है। बीसीसीआई की नई तस्वीर को देखकर भले ही ऐसा लगे कि भारतीय क्रिकेट प्रशासन को बीते कई दशकों से चला रहे चेहरे ही अगले कई सालों तक उसका संचालन करेंगे। लेकिन बोर्ड के नए नियमों के मुताबिक ये तस्वीर बिल्कुल परफेक्ट बैठती है। लोढ़ा पैनल की सुझाई गईं सिफारिशों को मान लिया गया है और जो नाम यहां सालों से बोर्ड का संचालन करने में लगे हुए थे उन्हें अब आराम दिया गया है। बोर्ड में अपनी अगली पारी के लिए उन्हें अब इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन परोक्ष रूप से बोर्ड में उनकी ताकत कम होती नहीं दिख रही। अखबार की इस खबर के मुताबिक प्रशासनिक समिति (CoA) के अध्यक्ष ने जब इस उनकी राय मांगी गई तो उन्होंने कहा, 'हमारा काम बिल्कुश साफ है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हमें यही काम सौंपा गया था कि एक निश्चित आदेश को लागू कराएं। इस विषय पर मेरी कोई राय नहीं है। जो चुनाव जीतेगा मुझे उसे स्वीकारना होगा।'


from Cricket News in Hindi, Cricket Updates, Live Scorecard, Schedules, Results, Teams and Points Table – Navbharat Times https://ift.tt/2MwTJdu
Share:

0 comments:

Post a Comment

Blog Archive

Definition List

Unordered List

Support