गौरव गुप्ता, इंदौरभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान एक बार फिर 'हितों के टकराव' को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि, इस बार उनके 'नॉट आउट' रहने की संभावना ज्यादा है। पूर्व भारतीय कप्तान से एक फैंटेसी क्रिकेट लीग 'माय 11 सर्किल' को लेकर ट्वीट करने के बाद फिर से इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। यह लीग यूजर्स को एक मैच के लिए सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग- XI की भविष्यवाणी करने का इनाम जीतने का मौका देता है। गांगुली के आलोचकों का कहना है कि इस तरह की लीग को बढ़ावा देने वाला कोई बीसीसीआई अध्यक्ष पहली बार बना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह मार्केटिंग का मामला है क्योंकि इसी तरह की फैंटेसी लीग ड्रीम-11 एक आधिकारिक आईपीएल स्पॉन्सर है और गांगुली ने एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी के बारे में ट्वीट किया। पढ़ें, बीसीसीआई के नए कोषाध्यक्ष ने कहा, 'आप इस मुद्दे को पहली बार मेरी जानकारी में ला रहे हैं। पहली बार ऐसा एक बोर्ड अध्यक्ष है, जो सेलिब्रिटी भी है। आप उनके मामले की तुलना अन्य अध्यक्षों से नहीं कर सकते। क्रिकेट छोड़ने के बाद वह कई ब्रांडों का समर्थन कर आजीविका कमा रहे हैं। हम इसके बारे में उनसे कुछ नहीं कह सकते।' जब बोर्ड के प्रायोजक के एक प्रतिद्वंद्वी को गांगुली के सपॉर्ट के बारे में बताया तो ठाकुर ने कहा, 'हमें यह देखना होगा कि उस कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करते समय उन्होंने क्या प्रतिबद्धता निभाई थी। आप ऐसी संभावना में हस्ताक्षर नहीं करते हैं कि एक दिन बीसीसीआई अध्यक्ष बन जाएंगे।' जानें, बीसीसीआई के पूर्व मैनेजर (खेल विकास) रत्नाकर शेट्टी ने इस बारे में कहा कि बोर्ड के संविधान के मुताबिक, ऐसे नियम खिलाड़ियों पर लागू होते हैं, ना कि अधिकारियों पर। उन्होंने कहा, 'नाइकी कई वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक था, और उस समय सचिन तेंडुलकर का एडिडास के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट था। कोई हितों का टकराव नहीं था, क्योंकि उन्हें अनुबंध में खुलासा करना था कि उनका एडिडास के साथ एक करार है।'
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