Tuesday, February 18, 2020

NZ टेस्ट: हवा, उछाल, स्विंग, रफ्तार, भारत के लिए चैलेंज चार

वेलिंग्टन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने की सबसे बड़ी दावेदार टीम इंडिया अब अपने सबसे मुश्किल इम्तिहान की ओर है। टेस्ट चैंपियनशिप के तहत भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर पर खेलना है और यहां हमेशा से ही चुनौती उसके लिए कड़ी रही है। कीवीलैंड की तेज पिचों पर बल्ले और बॉल के साथ-साथ हवा की हरकत भी खेल पर अपना प्रभाव छोड़ती है और सीम-स्विंग बोलिंग विराट की टीम के लिए हमेशा से ही चुनौती रहा है। चुनौतियों का कंप्लीट पैकेज हैं न्यूजीलैंड टेस्ट शुक्रवार को जब टीम इंडिया वेलिंग्टन में 2 टेस्ट की सीरीज का आगाज करने उतरेगी तो उसके माइंड में ये सभी चीजें होंगी कि यहां पर लाल गेंद से विदेशी चुनौतियों का कंप्लीट पैकेज मिलता है। यहां ठंडी तेज हवा, बारिश, सीम और स्विंग होती गेंदें हर वक्त बल्लेबाजों का टेस्ट लेती हैं। ऐसे में कोहली, रहाणे और पुजारा के अलावा टीम के बाकी बल्लेबाजों को भी हर हाल में अपने साहस का परिचय देना होगा। बोलर्स और फील्डर्स को दिखाना होगा कड़ा अनुशासन न्यूजीलैंड के खिलाड़ी तो इन हालात में खेलने के आदी हैं। लेकिन भारतीय टीम के कई सदस्य यहां पहली बार खेलने आए हैं। यहां हवा का प्रभाव इससे ही समझ लीजिए कि स्टंप्स पर लगे बेल्स भारी होने के बावजूद मैच में कई-कई बार सिर्फ हवा के सहारे ही नीचे गिरते रहते हैं। हवा के चलते गेंदबाज चाहकर भी अगेंस्ट द विंड बॉल डालें तो भी वह हवा के साथ ही निकल लेती है। यहां हर गेंद में हरकत दिखती है, जिससे अंपायरों को हमेशा चौकन्ना रहना पड़ता है। स्लिप में खड़े फील्डर और विकेटकीपर को हर गेंद पर लपकने के लिए तैयार रहना पड़ता है। स्पिनर्स के लिए मुश्किल स्पिनर्स को हवा के चलते कई बार सही ड्रिफ्ट या सही फ्लाइट नहीं मिल पाती। ऐसे में भारतीय खिलाड़िओं को इन कंडीशंस के साथ सही तालमेल दिखाना होगा। कीवी स्पिनर ईश सोढ़ी ने हाल में यहां की कंडिशंस को लेकर कहा था कि न्यूजीलैंड में स्पिनर भले स्टंप्स से बाहर की लाइन में गेंद करें लेकिन उन्हें इसके बावजूद यहां LBW विकेट के चांस लगातार मिलते रहते हैं। वेलिंग्टन में ऐसा है स्पिनर्स का हाल वेलिंग्टन मैदान की बात करें तो यहां ईरापल्ली प्रसन्ना (ऑफ स्पिनर) पहले विदेशी गेंदबाज थे, जिन्हें इस मैदान (1968 में) पर 8 विकेट हासिल हुए। प्रसन्ना के बाद अब तक वेलिंग्टन में सिर्फ तीन विदेशी स्पिनर ही 5 या इससे ज्यादा विकेट ले पाए हैं। ये हैं भारत के बापू नंदाकरणी (इसी मैच में), श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरण और साउथ अफ्रीका के केशव महाराज जो यहां 5 या इससे ज्यादा विकेट अपने नाम कर पाए। 12 साल पहले कीवीलैंड में टेस्ट सीरीज जीता था भारत पिछली बार टीम इंडिया ने कीवी टीम को उसके घर में साल 2008-09 में टेस्ट सीरीज में मात दी थी। विराट की टीम अपने घर में तो दुनिया की किसी भी टीम के सामने शेर साबित होती है लेकिन हाल-फिलहाल में वह विदेश में अपने प्रदर्शन से ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाई है। अपने दिमाग में साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के पिछले टूर को याद रखना होगा, जहां भारतीय टीम सीम और स्विंग के सामने पस्त नजर आई थी। ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में पहली बार दी मात लाल गेंद के फॉर्मेट में टेस्ट की नंबर 1 टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में मात देकर जरूर इतिहास बदला है और इस जीत से उसे कीवीलैंड में भी अपने दमदार प्रदर्शन की उम्मीद जरूर होगी।


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