नई दिल्ली पाकिस्तान के वरिष्ठ विकेटकीपर () ने कहा है कि (Mahendra Singh Dhoni) को भी सचिन तेंडुलकर () की तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई मिलनी चाहिए थी। धोनी ने अपने करीब 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को 15 अगस्त पर पूर्ण विराम लगाने का फैसला किया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर संन्यास ( Retirement) की घोषणा की थी। इसके बाद से ही दुनियाभर से को बधाइयां देने का सिलसिला चल रहा है। अकमल ने कहा, 'धोनी टीम को साथ लेकर चले। इस तरह की कप्तानी करना काफी आसान है कि आप सिर्फ अपना स्थान बचाने के लिए खेलें और आपको टीम की हार-जीत की परवाह न हो। लेकिन धोनी की बात थी। वह टीम तैयार करते रहे (Dhoni Captaincy) और उनका अपना प्रदर्शन भी शानदार था। आप देखिए उन्होंने किस तरह के खिलाड़ियों को तैयार किया, वे अब भी नंबर वन हैं। वह सिर्फ अपने देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना चाहते थे।' अकमल ने कहा, 'इस तरह के खिलाड़ियों को यूं चुपचाप विदा नहीं लेनी चाहिए। उन्हें मैदान से विदाई लेनी चाहिए थी, ठीक उसी तरह जैसे सचिन तेंडुलकर को मिली। वह अपने नाम मिस्टर कूल की तरह शांति से चले गए। इस तरह के खिलाड़ी क्रिकेट में विरले ही आते हैं।' अकमल ने कहा, 'इस तरह के कप्तानों की बहुत जरूरत होती है। हमने इंजी भाई और यूनिस भाई को देखा है। हमने देखा है कि कैसे वे टीम को साथ लेकर चले। महेंद्र सिंह धोनी को भारत के लिए खेलने का मौका मिला और उन्होंने उसके लिए अच्छा प्रदर्शन किया। वह हमारे सामने बहुत अच्छा उदाहरण हैं। उन्होंने न सिर्फ क्रिकेट खेला बल्कि टीम भी बनाई और भारतीय क्रिकेट को ऊपर लेकर गए। इस मानसिकता हमारे देश के कप्तानों में भी होनी चाहिए।' कामरान और धोनी कई मौकों पर एक-दूसरे के खिलाफ खेले। उन्होंने उम्मीद जताई कि महेंद्र सिंह धोनी जैसा कप्तान भविष्य में पाकिस्तान की भी कप्तानी करे और देश के क्रिकेट को आगे लेकर जाए। उन्होंने कहा, 'आजकल आप देखिए वे अपनी जगह बचाने के लिए खेलते हैं। उन्हें टीम की हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी चीजें किसी भी देश की टीम के लिए बहुत नुकसानदेह होती है। मैं उम्मीद करता हूं कि धोनी जैसा इनसान हमारी टीम का भी कप्तान बने।'
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