Wednesday, April 7, 2021

जब 13 साल के मोईन अली को कार से कुचलकर जान से मारने की हुई थी कोशिश

को खेल देखने वाले एक अच्छे क्रिकेटर के रूप में जानते हैं और साथी खिलाड़ी एक सभ्य, शर्मीले और सौम्य टीममेट के रूप में। बाएं हाथ के बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ स्पिनर मोईन इन दिनों चर्चा में हैं। वजह खेल नहीं है। वजह है बांग्लादेशी मूल की लेखिका तस्लीमा नसरीन का एक ट्वीट। वह ट्वीट जिसे उन्होंने बाद में हटा लिया लेकिन तब तक वह विवाद खड़ा कर चुका था। ट्वीट का मौजूं ही कुछ ऐसा जो था। तस्लीमा ने लिखा था कि अगर मोईन अली क्रिकेटर नहीं होते तो वह सीरिया जाकर आईएसआईएस का हिस्सा बन चुके होते। अब यह बताने की बात तो है नहीं कि आईएसआईएस क्या है? यह दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी संगठन है। तस्लीमा का इतना कहना था कि सोशल मीडिया पर यूजर्स के निशाने पर आ गईं। मोईन के साथी क्रिकेटर जोफ्रा आर्चर सबसे आगे रहे। हालांकि क्रिकेट जगत के अन्य कोनों से आवाजें कम ही आईं। 2014 में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में वह साउथेम्पटन में सेव गाजा और फ्री फीलिस्तीन के रिस्टबैंड पहनकर आ गए थे। मैच रेफरी डेविड बून ने उन्हें ऐसा करने के लिए मना किया था। लेकिन आज हम बात करेंगे मोईन के बचपन की। जब उन्हें जानबूझकर कार से कुचलने की कोशिश की गई। मोईन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि बात तब की है जब उनकी उम्र 13-14 साल थी। उन्होंने इंग्लैंड के अखबार गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे उन्हें कार से कुचलकर जान से मारने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा, 'वह एक एशियाई आदमी था। तो यह नस्लवादी नहीं हो सकता। बशर्ते उसने मुझे वाइट समझा हो क्योंकि मैं बहुत ज्यादा फेयर था। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों किया था।' उनके पिता मुनीर जो एक पाकिस्तानी पिता और ब्रिटिश मां की संतान हैं, ने क्रिकइंफो को बताया था, 'वह करीब 13 साल का रहा होगा। वह स्कूल से घर आ रहा था। एक कार तेजी से मोईन की ओर आई। वह उसे मिस कर गई और फिसलकर रुक गई। ड्राइवर एशियाई आदमी था। मोईन ने बताया कि उसने उसे पहले कभी नहीं देखा था। और न ही उसके बाद कभी देखा। उसने खिलड़ी खोली और गाली देते हुए कार को रिवर्स लेकर आया और कार से मोईन को जोर से टक्कर मारी। मोईन धक्के से एक ओर हो गया। कार फुटपाथ के किनारे से जोर से टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कार उलट गई। एक दुकानदार ने मुझे फोन किया। मैं दौड़कर वहां पहुंचा तो देखता हूं कि मोईन रो रहा है और उसकी एक टांग से बहुत खून निकल रहा है।' मोईन को लगा यह दुर्घटना है। उन्होंने ड्राइवर को देखने की कोशिश की। लेकिन जल्द ही उन्हें सच्चाई का पता चला। यह ऐक्सीडेंट नहीं था। मुनीर ने याद करते हुए कहा था, 'उसने कुछ कहा और साथ ही कहा, 'तुम खुशकिस्मत हो कि मैंने उसे जान से नहीं मारा।' इतना सुनते ही उन्हें समझ आ गया कि यह जानबूझकर किया गया था। मैंने उसके जबड़े और नाक पर मारा। मुझे इतना गुस्सा कभी नहीं आया।' मोईन को लगा था कि उसके पिता उस आदमी को जान से मार देंगे। लेकिन लोग जमा हो गए और उन्होंने बीच-बचाव किया। इसके बाद पुलिस ने आकर बयान लिए। और अगले दिन स्कूल में मोईन का बयान भी दर्ज किया। हालांक परिवार से इसके बाद इस घटना के बारे में कोई बात नहीं की गई।


from Cricket News in Hindi : Cricket Updates, Live Cricket Scorecard, Cricket Schedules, Match Results, Teams and Points Table, India vs Australia test series – Navbharat Times https://ift.tt/2OrcnZ8
Share:

0 comments:

Post a Comment

Blog Archive

Definition List

Unordered List

Support